गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से परेशान होने वाले हर घर में इन्वर्टर बैटरी एक वरदान साबित होती है। लेकिन इसकी लंबी उम्र और बेहतरीन बैकअप के लिए पानी का स्तर बनाए रखना बेहद जरूरी है। ज्यादातर लोग इस छोटी सी बात की अनदेखी कर लेते हैं, जिससे बैटरी जल्दी कमजोर पड़ जाती है। सही समय पर पानी भरने से न सिर्फ बैकअप समय बढ़ता है, बल्कि बैटरी कई सालों तक बिना खराब हुए काम करती रहती है।

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पानी भरने का सही समय
इन्वर्टर का इस्तेमाल कितना हो रहा है, इसी पर पानी चेक करने का अंतराल निर्भर करता है। अगर रोजाना 6-8 घंटे बिजली कटौती होती है और इन्वर्टर ज्यादा चलता है, तो हर 30 से 45 दिन में बैटरी खोलकर पानी का लेवल जांच लें। कम उपयोग वाले इलाकों में दो से तीन महीने का गैप रखा जा सकता है। गर्मियों में बैटरी ज्यादा गर्म होती है, इसलिए जल्दी पानी उड़ जाता है। अगर बैटरी के सेल में फ्लोट नीचे की लाइन को छू रहा हो या इंडिकेटर लाल रंग का हो गया हो, तो देर न करें। नियमित चेक से बैटरी अंदर से सूखने से बच जाती है और उसकी क्षमता बरकरार रहती है।
किस तरह का पानी इस्तेमाल करें
बैटरी में कभी भी नल, RO या बोतलबंद पीने का पानी न डालें। ये खनिजों से भरे होते हैं जो बैटरी की प्लेट्स को नुकसान पहुंचाते हैं। केवल डिस्टिल्ड वॉटर यानी आसुत जल ही सही रहता है। यह पूरी तरह शुद्ध होता है और बैटरी के अंदर केमिकल रिएक्शन को संतुलित रखता है। बाजार में आसानी से मिल जाता है, बस थोड़ा महंगा होता है लेकिन बैटरी की जिंदगी बचाने लायक है। हर सेल में ऊपरी और निचली लाइन के बीच जितना खाली हो, उतना ही भरें। ज्यादा पानी डालने से ओवरफ्लो हो सकता है जो जंग लगा देता है।
सुरक्षित तरीके से पानी कैसे भरें
सबसे पहले इन्वर्टर को पूरी तरह बंद कर दें और बैटरी को 4-6 घंटे रेस्ट करने दें। इससे अंदर की गैस निकल जाती है और खतरा कम हो जाता है। रबर के दस्ताने पहनें, चश्मा लगाएं और बैटरी को सपाट सतह पर रखें। प्लास्टिक की बोतल या ड्रॉपर से धीरे-धीरे डिस्टिल्ड वॉटर डालें। हर ढक्कन को अच्छे से कस लें और चेक करें कि कहीं लीकेज तो नहीं हो रहा। पानी भरने के बाद बैटरी को हल्का चार्ज करें ताकि लिक्विड अच्छे से मिल जाए। अगर बार-बार पानी कम हो रहा हो, तो किसी एक्सपर्ट से बैटरी चेक करवाएं।
रखरखाव से मिलने वाले फायदे
सही देखभाल से इन्वर्टर बैटरी 4-5 साल आसानी से चल सकती है। बैकअप समय दोगुना हो जाता है और बिजली बिल भी कम आता है। बैटरी को धूल-मिट्टी से दूर रखें, टर्मिनल्स को साफ करते रहें और ओवरलोड न होने दें। गलत पानी या गलत समय पर भरने से प्लेट्स खराब हो जाती हैं, जो महंगी मरम्मत का कारण बनता है। छोटे-छोटे कदमों से आपका इन्वर्टर हमेशा तैयार रहेगा।
















