
भारत में लंबी दूरी के सफर के लिए ट्रेन आज भी आम जनता की पहली पसंद बनी हुई है। किफायती किराया, आरामदायक यात्रा और देशव्यापी नेटवर्क के कारण भारतीय रेल को जीवनरेखा कहा जाता है। लेकिन आज हम बात कर रहे हैं दुनिया के उस सबसे विशाल रेलवे स्टेशन की, जो किसी साधारण स्टेशन से कहीं आगे एक शानदार महल जैसा प्रतीत होता है।
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मैनहट्टन इलाके में बसा ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल अपनी भव्य वास्तुकला, आधुनिक सुविधाओं और रहस्यमयी तथ्यों से दुनिया भर के यात्रियों व पर्यटकों को आकर्षित करता है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में प्लेटफॉर्मों की संख्या के आधार पर इसे दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन घोषित किया गया है।
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विशाल आकार और दैनिक भीड़
यह स्टेशन कुल 48 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जो 42वीं स्ट्रीट से 97वीं स्ट्रीट तक विस्तृत है। इसमें 44 प्लेटफॉर्म और 67 ट्रैक हैं, जिनमें ऊपरी स्तर पर 41 और निचले स्तर पर 26 ट्रैक शामिल हैं। रोजाना यहां 7.5 लाख से अधिक यात्री गुजरते हैं, जो छुट्टियों के दौरान 10 लाख तक पहुंच जाता है। मेट्रो-नॉर्थ रेलरोड का यह मुख्य केंद्र सालाना 21 मिलियन पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। स्टेशन के बाहर वैंकर्बिल्ट एवेन्यू पर हर घंटे औसतन 7,500 लोग आते-जाते हैं, जो न्यूयॉर्क के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है।
निर्माण का लंबा सफर और डिजाइनर
ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल का निर्माण इतिहास भी कम रोचक नहीं। 1903 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट 1913 में पूरा हुआ, यानी पूरे 10 साल लगे। इसे रीड एंड स्टेम तथा वॉरेन एंड वेटमोर फर्मों ने डिजाइन किया, जहां रीड एंड स्टेम ने समग्र संरचना का जिम्मा संभाला तो वॉरेन एंड वेटमोर ने भव्य बीक्स-आर्ट्स शैली का बाहरी हिस्सा जोड़ा। चीफ इंजीनियर विलियम जे. विलगस ने बिजली से चलने वाली ट्रेनों के लिए दो-स्तरीय डिजाइन तैयार किया, जिससे पार्क एवेन्यू के ऊपर हवा के अधिकार बिक्री से फंड जुटाया गया।
2 फरवरी 1913 को उद्घाटन पर पहले ही दिन 1.5 लाख लोग पहुंचे। 1947 में यहां 65 मिलियन यात्री आए, लेकिन जेट युग आने पर संख्या घटी। 1960-70 के दशक में इसे ध्वस्त करने की योजना बनी, लेकिन जैकलीन कैनेडी ओनासिस के प्रयासों से 1978 में इसे राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल घोषित किया गया।
भव्यता के रहस्यमयी आकर्षण
इसकी भव्यता देखते ही बनती है। मुख्य कंकोर्स की छत पर जूल्स-फेलिक्स कूटान द्वारा चित्रित आकाशगंगा, चंद्रमा और नक्षत्रों वाली पेंटिंग 2,500 तारों से जगमगाती है। सूचना केंद्र पर चारों ओर घूमने वाली ओपल घड़ी की कीमत 20 मिलियन डॉलर आंकी जाती है, जो यूएस नेवल ऑब्जर्वेटरी के एटॉमिक क्लॉक से सिंक्रनाइज्ड है। स्टेशन के गुप्त रहस्यों में ट्रैक 61 प्रमुख है- राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट वाल्डॉर्फ एस्टोरिया होटल से सीक्रेट ट्रेन से उतरते थे। कैंपबेल अपार्टमेंट नामक छिपा बार 1920 के दशक का है, जहां जैज संगीत गूंजता था। फिल्मों में भी यह स्टार रहा – हॉलीवुड और बॉलीवुड की कई फिल्में यहां शूट हुईं।
सांस्कृतिक धरोहर और भारतीय नजरिया
ग्रैंड सेंट्रल केवल परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर है। यहां ऑयस्टर बार सालाना 20 लाख सीप परोसता है। पर्यटक घूमने आते हैं, तो यात्री सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। ग्रैंड सेंट्रल केवल परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर है। यहां ऑयस्टर बार सालाना 20 लाख सीप परोसता है। पर्यटक घूमने आते हैं, तो यात्री सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। भारतीय रेल की तुलना में यह आधुनिक चमत्कार दर्शाता है कि कैसे इंजीनियरिंग इतिहास रच सकती है। यदि आप न्यूयॉर्क जाएं, तो इस महलनुमा स्टेशन की सैर जरूर करें – भव्यता आपको दंग कर देगी।
















