
महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) ने लाखों महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है। हर महीने 1500 रुपये की मदद से घर की आर्थिक तंगी थोड़ी कम हुई है। लेकिन अब एक ऐसी खबर सामने आई है, जो कई बहनों को परेशान कर सकती है। योजना के तहत ई-केवाईसी पूरी न करने या गलत भरने पर भविष्य की किस्तें रुक सकती हैं। अच्छी बात ये है कि सरकार ने इन्हें एक और मौका दिया है। आइए, जानते हैं आखिर माजरा क्या है और क्या करना चाहिए।
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ई-केवाईसी की चूक ने बढ़ाई मुश्किलें
योजना में शामिल होने के लिए ई-केवाईसी जरूरी था। सरकार ने 31 दिसंबर 2025 तक का डेडलाइन दिया था। लेकिन कई बहनों को फॉर्म भरते वक्त दिक्कत हुई। तकनीक की कमी या सवालों को ठीक से न समझ पाने की वजह से गलतियां हो गईं। नतीजा? उनका रिकॉर्ड संदिग्ध हो गया और अगली किस्त का इंतजार लंबा खिंच गया। ये सुनकर दुख होता है ना, क्योंकि ज्यादातर महिलाएं गांव-शहर की साधारण बहनें हैं, जो मोबाइल पर पहली बार ऐसा फॉर्म भर रही थीं।
वो एक सवाल जो बन गया विलेन
ई-केवाईसी फॉर्म में मराठी में एक सवाल था – “तुमच्या घरातले कोणी सरकारी नोकरीत नाही ना?” मतलब, आपके घर में कोई सरकारी नौकरी में नहीं है ना? कई बहनों ने इसे उल्टा समझ लिया और गलती से ‘हां’ पर क्लिक कर दिया। सिस्टम ने इसे ऐसे रिकॉर्ड किया जैसे परिवार में सरकारी कर्मचारी है। योजना के नियम साफ हैं – सरकारी नौकरी वाले या उनके परिजन पात्र नहीं।
बस, इसी गलती से लाखों महिलाओं की किस्तें अटक गईं। विभाग की जांच में पता चला कि करीब 24 लाख बहनों ने ये चूक की। पूरे महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों की तादाद इससे भी कम है, तो साफ है कि ये महज गलतफहमी थी। अचानक इतनी बड़ी तादाद में पैसे रुकते ही शिकायतों का सैलाब आ गया।
सरकार ने सुनी बहनों की पुकार
शिकायतें बढ़ीं तो मामला महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे तक पहुंचा। उन्होंने साफ कहा कि पात्र बहनों को योजना से बाहर नहीं किया जाएगा। सरकार ने तुरंत कदम उठाया – गलत ई-केवाईसी वाली महिलाओं का फिजिकल वेरिफिकेशन होगा। इसके लिए राज्यभर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये बहनें घर-घर जाकर चेक करेंगी, गलत एंट्री ठीक करेंगी और रिकॉर्ड अपडेट कर देंगी। ये सुनकर राहत मिली ना? सरकार ने साबित कर दिया कि बहनों की परवाह सबसे ऊपर है।
अब क्या करें? तुरंत ये स्टेप्स फॉलो करें
अगर आपकी भी किस्त रुकी है या शक है, तो चिंता मत कीजिए। सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्र पर जाएं या नजदीकी कार्यकर्ता से संपर्क करें। वे आपके घर आएंगी और वेरिफिकेशन पूरा करेंगी। आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स और परिवार की जानकारी दोबारा चेक होगी।
अगर फॉर्म में वही गलत सवाल का जवाब है, तो उसे सुधार दें। ये मौका सीमित है, इसलिए देर न करें। ऑनलाइन पोर्टल पर भी स्टेटस चेक कर सकती हैं। योजना की वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें, ताकि पता चले कि केवाईसी पेंडिंग है या नहीं।
योजना का असली मकसद और भविष्य
‘माझी लाडकी बहिण’ योजना महाराष्ट्र की महिलाओं को सशक्त बनाने का सराहनीय कदम है। 1500 रुपये मासिक मदद से शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटे खर्चों में राहत मिल रही है। लेकिन ऐसी तकनीकी चूकों से बचने के लिए जागरूकता जरूरी है। सरकार ने साबित किया कि छोटी गलतियां बड़ी नहीं बनेंगी। अब लाखों बहनें फिर से समय पर पैसे पा सकेंगी। अगर आपकी कोई सहेली या रिश्तेदार प्रभावित है, तो उन्हें तुरंत बता दें। ये अपडेट शेयर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं फायदा उठा सकें।
















