
देश की राजधानी दिल्ली की सुरक्षा का भार संभालने वाली दिल्ली पुलिस दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण पुलिस बलों में शुमार है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली यह फोर्स करीब 83,000 कर्मियों के साथ 24×7 अलर्ट रहती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस विशाल मशीनरी का ‘बॉस’ कौन होता है? दिल्ली पुलिस का सबसे ऊंचा पद कमिश्नर ऑफ पुलिस (CP) है, जो डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) रैंक का होता है। वर्तमान में यह जिम्मेदारी 1992 बैच के IPS अधिकारी सतीश गोलचा के कंधों पर है, जिन्हें अगस्त 2025 में नियुक्त किया गया।
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दिल्ली पुलिस का सबसे बड़ा पद कौनसा?
दिल्ली पुलिस की संरचना कमिश्नरेट सिस्टम पर आधारित है, जहां शीर्ष पर कमिश्नर ऑफ पुलिस विराजमान होते हैं। यह पद न केवल प्रशासनिक प्रमुख का होता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आतंकवाद विरोधी अभियानों और VIP सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों का सीधा प्रभारी भी। कमिश्नर केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं और लेफ्टिनेंट गवर्नर के साथ समन्वय स्थापित करते हैं। हाल ही में 2026-27 के बजट में दिल्ली पुलिस को 12,503.65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले साल से 4.79% अधिक है। इससे फोर्स की ताकत और बढ़ेगी।
इस पद पर बैठने वाले अधिकारी को पूर्ण कमान मिलती है – क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल, ट्रैफिक और साइबर यूनिट्स तक सब कुछ। सतीश गोलचा जैसे अनुभवी अधिकारी, जो पहले तिहाड़ जेल के DG रह चुके हैं, अप्रैल 2027 तक इस कुर्सी पर डटे रहेंगे। उनकी नियुक्ति SBK सिंह के स्थान पर हुई, जो जुलाई 2025 में आए थे।
पदोन्नति का सफर
कमिश्नर बनना कोई आसान उपलब्धि नहीं। सबसे पहले UPSC सिविल सेवा परीक्षा क्रैक कर IPS कैडर में चयनित होना पड़ता है। शुरुआत ASP/ DSP रैंक से होती है। वर्षों की सेवा, प्रमोशन और प्रदर्शन के आधार पर IGP, ADGP होते हुए DGP/ CP स्तर तक पहुंचते हैं। दिल्ली पुलिस में यह पद AGMUT कैडर के सीनियर IPS को मिलता है। सख्त चयन प्रक्रिया और राजनीतिक दबावों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।
रैंक वाइज संरचना: बॉस से कांस्टेबल तक
दिल्ली पुलिस की हायरार्की इस प्रकार है:
यह संरचना कुशल संचालन सुनिश्चित करती है।
सैलरी और सुविधाएं
सबसे बड़ा आकर्षण? सातवें वेतन आयोग के पे लेवल-17 के तहत ₹2,25,000 मासिक मूल वेतन! यह Apex Scale है, जिसमें DA, HRA (दिल्ली में 27%), TA और अन्य भत्ते जुड़ते हैं। कुल इन-हैंड ₹3 लाख से अधिक हो सकती है। ऊपर से सरकारी बंगला (लुटियंस जोन), बुलेटप्रूफ गाड़ी, Z+ सिक्योरिटी, मेडिकल, सहायक स्टाफ – राजसी जीवन!
Special CP को लेवल-16 (₹2,05,400-2,24,400) मिलता है, जबकि Joint CP को लेवल-14 (₹1,44,200)। कांस्टेबल से शुरू होकर यह पिरामिड CP पर समाप्त होता है। दिल्ली पुलिस न केवल कानून का पालन कराती है, बल्कि राष्ट्र की राजधानी की नब्ज थामे रखती है। सतीश गोलचा जैसे नेतृत्व में यह फोर्स और मजबूत हो रही है।
















