नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने डिजिटल पेमेंट्स को और सुरक्षित बनाने के लिए UPI पर नए नियम लागू किए हैं। ये बदलाव Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे लोकप्रिय ऐप्स के करोड़ों यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्य उद्देश्य फ्रॉड रोकना और सर्वर पर लोड कम करना है। नए UPI आईडी रजिस्टर करने वालों के लिए पहले 24 घंटों में आउटगोइंग ट्रांजेक्शन की कुल सीमा मात्र ₹5000 तय की गई है।

Table of Contents
नए नियमों का पूरा विवरण
नया UPI आईडी बनाने पर पहले दिन आप कुल ₹5000 से ज्यादा का पेमेंट नहीं कर पाएंगे, भले ही बैंक अकाउंट में कितना भी बैलेंस हो। यह सीमा सभी ट्रांजेक्शनों को मिलाकर है। 24 घंटे पूरे होने के बाद सामान्य दैनिक लिमिट बहाल हो जाती है, जो ज्यादातर मामलों में ₹1 लाख तक होती है। बैलेंस चेक करने पर भी सख्त पाबंदी लगाई गई है। अब हर ऐप पर 24 घंटे में सिर्फ 50 बार ही बैलेंस इंक्वायरी की जा सकती है।
ऑटोपे सुविधा पर भी बदलाव आया है। अब यह केवल नॉन-पिक ऑवर्स में काम करेगी, जैसे सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे के बीच और रात 9:30 बजे के बाद। लिंक्ड बैंक अकाउंट्स की लिस्ट चेक करने की सीमा 25 बार प्रतिदिन प्रति ऐप तय की गई है। इसी तरह किसी ट्रांजेक्शन का स्टेटस सिर्फ 3 बार चेक किया जा सकेगा, जिसमें हर चेक के बीच कम से कम 90 सेकंड का गैप होना जरूरी है। बैकग्राउंड में ऑटोमैटिक बैलेंस चेकिंग भी बंद कर दी गई है।
यूजर्स पर प्रभाव और चुनौतियां
नियमित UPI यूजर्स पर इन बदलावों का असर कम ही पड़ेगा, क्योंकि ज्यादातर लोग इन लिमिट्स के अंदर ही रहते हैं। लेकिन नए यूजर्स को पहले दिन परेशानी हो सकती है। अगर आपको तुरंत बड़ा पेमेंट करना हो, तो नेट बैंकिंग या अन्य विकल्प का सहारा लेना पड़ेगा। जो लोग बार-बार बैलेंस चेक करते हैं, उन्हें अपनी आदत बदलनी होगी। खासकर छोटे व्यापारी या दैनिक लेन-देन करने वाले इस बदलाव से सतर्क रहें।
NPCI का मानना है कि ये कदम सिस्टम को अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाएंगे। डिजिटल ट्रांजेक्शनों की बढ़ती संख्या के बीच फ्रॉड केस रोकना जरूरी हो गया था। हेल्थकेयर और अन्य सेक्टरों में ऊंची लिमिट्स (₹5 लाख तक) पर कोई बदलाव नहीं हुआ है।
क्या करें यूजर्स?
सबसे पहले अपने UPI ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें। नए रजिस्ट्रेशन के समय पहले छोटे-छोटे टेस्ट ट्रांजेक्शन करें। बैलेंस चेक की आदत कम करें और जरूरत पड़ने पर SMS अलर्ट्स या बैंक स्टेटमेंट पर निर्भर रहें। अल्टरनेटिव पेमेंट मेथड हमेशा तैयार रखें। ये नियम डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। लंबे समय में इससे ट्रांजेक्शंस तेज और सुरक्षित होंगे। कुल मिलाकर, थोड़ी सावधानी से इन नियमों का पालन आसान है।
















