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Google Pay, PhonePe पर अटका पैसा? बैंक मैनेजर के पास जाने की जरूरत नहीं, घर बैठे ऐसे वसूलें रोजाना ₹100 का जुर्माना।

UPI ट्रांजेक्शन फेल हो और पैसा कट जाए तो घबराएं नहीं! RBI नियमों के अनुसार, T+1 बिजनेस डे में रिफंड न मिले तो ऐप या बैंक पर शिकायत करें। देरी के हर दिन 100 रुपये हर्जाना मिलेगा। Google Pay/PhonePe से शुरू करें, फिर RBI CMS पोर्टल पर जाएं। अपना हक जानें, पैसा फंसने न दें!

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कई बार हम किसी को UPI से पैसे भेजते हैं, तो स्क्रीन पर “ट्रांजेक्शन फेल्ड” या “पेंडिंग” जैसा मैसेज आ जाता है, लेकिन बैंक अकाउंट से पैसा कट चुका होता है। ऐसे में पहला डर यही लगता है कि कहीं पैसा फंस तो नहीं गया? असल में ज्यादातर केस में यह टेक्निकल गड़बड़ी के कारण होता है और यह रकम कुछ समय बाद अपने-आप वापस आ जाती है। लेकिन अगर तय समय के भीतर पैसा वापस न आए, तो वहीं से आपके अधिकार शुरू होते हैं।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह नियम तभी लागू होते हैं जब ट्रांजेक्शन फेल हो। अगर आपने गलती से किसी गलत अकाउंट या गलत व्यक्ति को पैसा भेज दिया, तो उस पर यह हर्जाने वाला नियम नहीं चलता।

कितने समय में वापस आना चाहिए पैसा?

RBI ने बैंकों और पेमेंट ऐप्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) के लिए साफ गाइडलाइन बनाई है कि फेल हुए असली UPI ट्रांजेक्शन में अगर पैसा कट गया है, तो वह कितने समय के अंदर रिफंड होना चाहिए। नियमों के अनुसार, आपका पैसा अधिकतम T+1T+1 बिजनेस डे के अंदर वापस आपके अकाउंट में क्रेडिट हो जाना चाहिए। यहां TT का मतलब है ट्रांजेक्शन वाला दिन और +1+1 का मतलब है उसके बाद वाला एक कामकाजी दिन।

मान लीजिए आपने सोमवार को शाम को UPI पेमेंट किया और वह फेल हो गया, लेकिन पैसा कट गया। तो मंगलवार के अंत तक आपके अकाउंट में वह राशि वापस आ जानी चाहिए। अगर मंगलवार तक भी पैसा नहीं आया, तो अब बैंक या ऐप की जिम्मेदारी बनती है और आपके पास शिकायत व हर्जाना मांगने का अधिकार शुरू हो जाता है।

देरी होने पर मिलता है रोज का हर्जाना

बहुत कम लोगों को पता है कि देरी होने पर बैंक सिर्फ पैसा ही नहीं लौटाएगा, बल्कि आपको एक्स्ट्रा रकम भी देनी पड़ेगी। RBI के दिशानिर्देशों के मुताबिक, अगर फेल हुए UPI ट्रांजेक्शन का पैसा T+1T+1 बिजनेस डे के बाद भी आपके अकाउंट में रिफंड नहीं होता, तो बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को हर दिन की देरी के लिए 100 रुपये तक हर्जाना देना पड़ सकता है।

यानी, जितने दिन आपका पैसा सिस्टम में फंसा रहेगा और बैंक या ऐप अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करेगा, उतने दिन के हिसाब से आपके ऊपर हर्जाना बनता रहेगा। इससे बैंकों और ऐप्स पर दबाव रहता है कि वे ऐसे केस को जल्दी सुलझाएं और ग्राहक के पैसे को रोके न रखें।

UPI ऐप के जरिए कैसे करें शिकायत?

अगर आपका पैसा समय पर वापस नहीं आया है, तो सबसे पहले आपको उसी UPI ऐप के अंदर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, जिससे आपने पेमेंट किया था। लगभग सभी बड़े ऐप में शिकायत या ‘डिस्प्यूट’ दर्ज करने की सुविधा होती है।

आप यह स्टेप फॉलो कर सकते हैं:

  • अपने फोन में Google Pay, PhonePe, Paytm या जो भी UPI ऐप इस्तेमाल करते हैं, उसे ओपन करें।
  • ऐप के अंदर ‘Transaction History’ या ‘Payment History’ सेक्शन में जाएं।
  • उस ट्रांजेक्शन को चुनें जो फेल दिख रहा है या जिसमें “पेंडिंग / प्रोसेसिंग” दिखने के बाद पैसा वापस नहीं आया।
  • वहां आम तौर पर ‘Help’, ‘Get Support’ या ‘Raise Dispute’ जैसा विकल्प दिखता है, उसे सिलेक्ट करें।
  • कारण चुनें कि ट्रांजेक्शन फेल हुआ, पैसा कट गया लेकिन वापस नहीं आया।
  • स्क्रीन पर बताए गए निर्देश फॉलो करके शिकायत सबमिट कर दें और स्क्रीनशॉट या ईमेल रिसीट संभाल कर रखें।

कई बार ऐप के अंदर ही कुछ घंटों में या 1–2 दिन के अंदर आपकी समस्या सुलझ जाती है। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता, तो अगला स्टेप है सीधे RBI के पास जाना।

RBI CMS पोर्टल पर सीधे शिकायत कैसे करें?

अगर आपकी शिकायत UPI ऐप या बैंक के कस्टमर केयर पर लंबित पड़ी है, गंभीरता से नहीं ली जा रही, या तय समय सीमा के बाद भी पैसा वापस नहीं आया, तो आप RBI के Complaint Management System (CMS) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

  • अपने ब्राउज़र में जाएं और वेबसाइट टाइप करें: cms.rbi.org.in
  • यहां आपको बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जुड़ी शिकायत दर्ज करने का विकल्प मिलेगा।
  • पहले उस बैंक या ऐप का नाम चुनें, जिसके जरिए आपने UPI पेमेंट किया था।
  • अपनी डिटेल भरें – नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, बैंक अकाउंट डिटेल, UPI ट्रांजेक्शन ID, तारीख, समय, राशि आदि।
  • शिकायत में साफ-साफ लिखें कि ट्रांजेक्शन फेल हुआ, पैसा कट गया, T+1T+1 बिजनेस डे तक रिफंड नहीं आया और अब आप RBI की गाइडलाइन के मुताबिक हर्जाना भी मांग रहे हैं।
  • जो भी स्क्रीनशॉट, मैसेज या बैंक स्टेटमेंट आपके पास हों, उन्हें भी अपलोड कर दें।

शिकायत में देरी और हर्जाने का जिक्र करना क्यों जरूरी?

जब भी आप शिकायत दर्ज करें – चाहे UPI ऐप पर, बैंक में या RBI CMS पोर्टल पर – एक बात खास ध्यान रखें: देरी की तारीख और दिनों का जिक्र जरूर करें। यानी, आपने किस दिन ट्रांजेक्शन किया, किस दिन तक पैसा नहीं आया, कुल कितने दिन की देरी हुई – यह सब साफ-साफ लिखें। साथ ही यह भी उल्लेख करें कि RBI के नियम के अनुसार T+1T+1 बिजनेस डे के बाद बैंक पर हर्जाने की जिम्मेदारी बनती है।

ऐसा करने से यह साफ हो जाएगा कि आपको अपने अधिकारों की जानकारी है और आप सिर्फ रिफंड नहीं, बल्कि नियम के तहत मिलने वाला हर्जाना भी मांग रहे हैं। अक्सर ऐसे मामलों में बैंक और ऐप आपकी शिकायत को ज्यादा गंभीरता से लेते हैं।

किन मामलों में लागू नहीं होते ये नियम?

यह बात याद रखना जरूरी है कि हर्जाना वाला नियम सिर्फ उन ट्रांजेक्शन पर लागू होता है जो टेक्निकल वजह से फेल हो गए हों और पैसा बीच में कहीं फंस गया हो। अगर:

  • आपने गलत नंबर या गलत UPI ID पर पैसा भेज दिया
  • किसी फ्रॉड लिंक पर क्लिक करके खुद पेमेंट कर दिया
  • जानबूझकर गलत अकाउंट में पेमेंट कर दिया

तो ऐसे मामलों में यह हर्जाने वाला प्रावधान नहीं लागू होता। वहां आपको अलग तरह के प्रोसेस फॉलो करने पड़ते हैं, जैसे पुलिस कंप्लेंट, बैंक की फ्रॉड टीम से संपर्क आदि।

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info@dietjjr.in

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