
समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने संसद में दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में लगभग 17 लाख लोगों के राशन कार्ड रद्द होने का खतरा है, क्योंकि उनकी आय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्धारित पात्रता मानदंड से अधिक हो गई है, उन्होंने केंद्र सरकार से इन मानदंडों को संशोधित करने की मांग की है, हालांकि यूपी सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्ड सरेंडर या रद्द करने का कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है।
यह भी देखें: RRB GDS Vacancy 2026: 10वीं पास के लिए 31 जनवरी से खुलेंगी भर्ती, Group D और GDS के आवेदन शुरू
Table of Contents
सांसद का दावा और मौजूदा आय मानदंड
सांसद जावेद अली खान ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया, जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में पारित किया गया था, लेकिन तब से पात्रता आय मानदंड में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- वर्तमान मानदंड: 2013 के मानदंडों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में ₹2 लाख तक की वार्षिक आय और शहरी क्षेत्रों में ₹3 लाख तक की वार्षिक आय वाले लोग पात्र माने गए थे।
- मुद्रास्फीति का प्रभाव: खान ने तर्क दिया कि मुद्रास्फीति के कारण ये सीमाएं पुरानी हो चुकी हैं और गरीब लोगों के साथ अन्याय को रोकने के लिए आय के मानदंडों में संशोधन किया जाना चाहिए।
सरकारी रुख और सत्यापन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त सोरभ बाबू ने मीडिया रिपोर्टों को “झूठा और भ्रामक” बताया है।
- सामान्य सत्यापन: उन्होंने कहा कि राशन कार्डों का सत्यापन एक सामान्य प्रक्रिया है जो समय-समय पर होती रहती है।
- कोई नया आदेश नहीं: सरकार ने राशन कार्ड सरेंडर करने या नए पात्रता मानदंड लागू करने के संबंध में कोई नया आदेश जारी नहीं किया है।
यह भी देखें: New Expressway Project: यहां बनेगा नया एक्सप्रेसवे, 131 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
अपात्र कार्डों की पहचान
विभागीय स्तर पर, आयकर विभाग, परिवहन विभाग, जीएसटी विभाग और पीएम-किसान योजना के डेटा मिलान के बाद करीब 16.67 लाख अपात्र राशन कार्ड धारकों की पहचान की गई है, जो मुफ्त राशन योजना का लाभ उठा रहे थे, इन अपात्र व्यक्तियों में कार मालिक, आयकरदाता और 5 एकड़ से अधिक जमीन वाले लोग शामिल हैं, सरकार इन अपात्र कार्डों पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया में है।
यदि कोई व्यक्ति अपात्र है, तो वह स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय में सरेंडर कर सकता है।
















