
मॉनसून अब थकान महसूस कर रहा है, लेकिन जाते-जाते कई राज्यों को भीगो रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण तक भारी बरसात की चेतावनी जारी की है। अगले कुछ दिनों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। आइए, जानते हैं कहां-कहां बरसात का कहर छाएगा और कैसे बचें।
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उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश
उत्तर प्रदेश में मॉनसून ने फिर जोर पकड़ लिया है। पश्चिमी यूपी में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक तेज बारिश होगी, जबकि पूर्वी हिस्सों में 29 अगस्त और 1-2 सितंबर को गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी। नदियां उफान पर आ सकती हैं, शहरों में सड़कें तालाब बन जाएंगी। एक मौसम अधिकारी ने कहा, “निचले इलाकों में रहने वाले अलर्ट रहें, घर से बाहर निकलते वक्त रेनकोट जरूर लें।” ये बारिश किसानों के लिए वरदान तो है, लेकिन ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती की मुसीबत भी ला रही है।
हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन का डर
पहाड़ों पर मॉनसून का सबसे बुरा असर पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश में 29 से 31 अगस्त तक बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में तो 29 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार बरसात जारी रहेगी। नदियां खतरे के निशान को पार कर सकती हैं, भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। सोचिए, पर्यटक स्पॉट्स पर फंसना मतलब बड़ा रिस्क। स्थानीय लोग पहले से ही सतर्क हो गए हैं, लेकिन यात्रा करने वालों को एडवाइज है – रुक जाएं!
गुजरात में रेड अलर्ट
गुजरात आज (29 अगस्त) से अत्यधिक भारी बारिश की चपेट में है, जो 30 अगस्त तक चलेगी। महाराष्ट्र और गोवा भी 30 तक भीगेंगे। मध्य प्रदेश में अगले सात दिन बारिश का सिलसिला बरकरार रहेगा, विदर्भ में 29 अगस्त और 4 सितंबर को जोरदार बौछारें। सड़कें बंद हो रही हैं, ट्रेनें लेट। एक किसान भाई ने बताया, “फसलें बच गईं, लेकिन घर में पानी घुस आया।” ये इलाके बाढ़ के पुराने शिकार हैं, तो राहत टीम तैयार हैं।
केरल-कर्नाटक में हाई अलर्ट
दक्षिण की ओर बढ़ें तो केरल में 29-30 अगस्त और 3-4 सितंबर को भारी बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में अगले सात दिन झमाझम चलेगी, आंध्र और तमिलनाडु भी प्रभावित। बहुत भारी बरसात से नदियां स्वेल हो रही हैं। यहां के लोग बारिश के आदी हैं, लेकिन जलस्तर बढ़ने से गांव डूब सकते हैं। मौसम वैज्ञानिक कहते हैं, “ये लास्ट स्पर्ट है मॉनसून का।”
पूर्वोत्तर और बिहार-झारखंड में भी बरसात
पूर्वोत्तर के राज्य – असम, मेघालय, अरुणाचल से लेकर त्रिपुरा तक – 29 अगस्त से 4 सितंबर तक बारिश में डूबे रहेंगे। बिहार-झारखंड में 29-30 अगस्त को भारी बौछारें, ओडिशा-छत्तीसगढ़ में 31 से 3 सितंबर तक। नमी भरी हवाओं ने ठंडक ला दी है, लेकिन बाढ़ का खतरा बरकरार।
बारिश में सुरक्षित रहें
बारिश का मजा लें, लेकिन सावधानी न भूलें। नदियों से दूर रहें, ड्राइविंग धीमी करें, बच्चों को घर पर रखें। बिजली के उपकरणों से सतर्क। सरकार राहत कार्यों में जुटी है। मॉनसून की ये विदाई यादगार बन रही है!
















