
यह देवीपाटन मंडल की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने वाली है। अयोध्या से गोंडा और बलरामपुर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब छह लेन का बनने जा रहा है। केंद्रीय सड़क मंत्रालय को भेजे गए नक्शों में 65 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का डिजाइन फाइनल हो चुका है। सोचिए, पहले कितनी मुश्किल होती थी इन रास्तों पर यात्रा, लेकिन अब सब बदलने वाला है।
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डिजाइन में खास बातें
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि 8 किलोमीटर का हिस्सा अयोध्या के रिंग रोड से जुड़ेगा। नवाबगंज में बन रहे रिंग रोड से शुरू होकर 57 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन हाईवे पुरानी गोंडा-नवाबगंज सड़क के दक्षिण से गुजरेगा। गोंडा शहर के प्रस्तावित रिंग रोड से कनेक्ट होने के बाद ये पुरानी सड़कों को क्रॉस कर उत्तर दिशा में बढ़ेगा। फिर गोंडा-बलरामपुर के पुराने मार्ग को पार करते हुए पश्चिम से शामली एक्सप्रेस-वे में मिल जाएगा। ये डिजाइन यात्रियों को जाम और तंग रास्तों से आजादी देगा।
यात्रा का समय और दूरी घटेगी
इस हाईवे बनने के बाद अयोध्या से गोंडा की दूरी महज 35 किलोमीटर रह जाएगी, जबकि गोंडा से बलरामपुर सिर्फ 22 किलोमीटर। बलरामपुर, श्रावस्ती और यहां तक कि नेपाल के लोगों के लिए अयोध्या पहुंचना बच्चों का खेल हो जाएगा। रोजाना हजारों वाहन और लाखों लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन पुरानी सड़कें बोझिल हो चुकी हैं। अब तेज रफ्तार और सुरक्षित सफर की बारी है।
पुरानी सड़कों की कहानी
2018 में बलरामपुर की 43 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क बनी थी, जो एनएच-330 का दर्जा पा चुकी है। लेकिन तब से न मरम्मत हुई, न चौड़ीकरण। दस हजार वाहनों का दबाव झेल रही ये सड़क टूट-फूट चुकी है। 2023 में फोर-लेन का प्रस्ताव भेजा गया, मगर ट्रैफिक कम होने की वजह से मंजूरी न मिली। फिर 2024 में अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा के बाद चीजें बदलीं। बड़े उद्योगपति अयोध्या के साथ गोंडा की ओर भी रुख करने लगे। यहीं से सिक्स-लेन का सपना हकीकत की ओर बढ़ा।
भूमि अधिग्रहण और निर्माण की तैयारी
57 किलोमीटर के इस सिक्स-लेन हाईवे के लिए करीब 600 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। नवाबगंज के महेशपुर से शुरू होकर ये खेतों से होकर गोंडा पहुंचेगा, पुरानी सड़क को छोड़कर। 25 मीटर चौड़े मुख्य हाईवे के दोनों ओर सर्विस लेन देकर इसे सिक्स-लेन बनाया जाएगा, जिसके लिए 90 मीटर चौड़ी जगह चाहिए। अयोध्या एनएच डिवीजन के एक्सईएन एसके मिश्रा कहते हैं कि डिजाइन मंत्रालय को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही जेसीबी चलने लगेंगी। स्थानीय किसानों से बातचीत तेज हो रही है, ताकि अधिग्रहण सुचारू हो।
क्षेत्र को मिलने वाले फायदे
ये हाईवे सिर्फ यात्रा आसान नहीं करेगा, बल्कि देवीपाटन मंडल की अर्थव्यवस्था को पंख देगा। अयोध्या का धार्मिक महत्व बढ़ा है, पर्यटक और व्यापारी बढ़ेंगे। गोंडा और बलरामपुर में निवेश का दौर चलेगा। रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, खासकर निर्माण के दौरान। नेपाल बॉर्डर तक कनेक्टिविटी मजबूत होने से व्यापार भी फलेगा। पुरानी सड़कों का बोझ कम होगा, दुर्घटनाएं घटेंगी। कुल मिलाकर, ये प्रोजेक्ट पूरे इलाके की किस्मत बदल देगा।
















