
यह खबर आपके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है! अगर आप अपनी गाड़ी में पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं, लेकिन ₹100 का यह छोटा सा पर्चा साथ रखना भूल गए हैं, तो आपकी अगली यात्रा ₹10,000 महंगी पड़ सकती है, दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में PUC (Pollution Under Control) नियमों को लेकर प्रशासन अब बेहद सख्त हो चुका है।
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सावधान! ₹100 की लापरवाही और ₹10,000 का फटका
सड़कों पर प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी अपनाई है, मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत, यदि आपके पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं है, तो पुलिस या परिवहन विभाग सीधे ₹10,000 का चालान News18 Hindi काट सकता है।
सिर्फ जुर्माना ही नहीं, जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है
नियमों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पकड़े जाने पर न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि:
- 6 महीने तक की जेल का प्रावधान है Digit Insurance।
- आपका ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है India Code।
- सुप्रीम कोर्ट के पुराने निर्देशों के बाद भी, वर्तमान में सड़क पर बिना PUC के गाड़ी चलाना कानूनन अपराध बना हुआ है Policybazaar।
कितने दिन चलता है एक सर्टिफिकेट?
- नई गाड़ियाँ (BS-VI): नई कार या बाइक के लिए पहला PUC सर्टिफिकेट 1 साल तक वैध रहता है Tata AIG।
- पुरानी गाड़ियाँ: 1 साल के बाद, आपको हर 6 महीने में इसे रिन्यू कराना अनिवार्य है SMC Insurance।
- खर्च: इसकी कीमत बेहद मामूली है—टू-व्हीलर के लिए लगभग ₹60 और फोर-व्हीलर के लिए ₹100-₹120 तक।
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कहीं आपका PUC एक्सपायर तो नहीं? ऐसे करें चेक
अब आपको सर्टिफिकेट ढूंढने के लिए गाड़ी के डैशबोर्ड को खंगालने की जरूरत नहीं है, आप सीधे सरकारी Parivahan Sewa Portal पर जाकर अपनी गाड़ी का नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी 5 अंक डालकर स्टेटस देख सकते हैं।
ध्यान रहे कि अब कई शहरों में लगे हाई-टेक CCTV कैमरे आपके गाड़ी के नंबर से सीधे डेटाबेस चेक कर लेते हैं, जिससे बिना रुके भी आपका ऑनलाइन चालान घर पहुँच सकता है।
















