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विदेशी निवेशकों ने खरीदे 14 करोड़ शेयर! ₹70 के पार जाएगा इस चर्चित एनर्जी कंपनी का स्टॉक, क्या आपके पास है?

दिसंबर तिमाही में घरेलू निवेशक बेचकर भागे, FPI ने हिस्सेदारी 23% तक बढ़ाई। शेयर 34% गिरा, लेकिन ब्रोकरेज बोले बाय! क्या यह खरीदने का गोल्डन चांस है या और गिरावट आएगी? जानिए पूरा राज।

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रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयरधारिता ढांचे में दिसंबर 2025 तिमाही के दौरान महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किए गए। जहां एक तरफ घरेलू संस्थागत निवेशक और रिटेल निवेशक अपनी पोजीशन कम कर रहे थे, वहीं विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक ने अपनी हिस्सेदारी मजबूती से बढ़ाई। इस अवधि में कंपनी का शेयर मूल्य अक्टूबर से दिसंबर तक लगभग 11 प्रतिशत नीचे आ गया। नवंबर के बाद से तो इसमें 18 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह गिरावट खरीदारी का सुनहरा मौका है या और सतर्क रहने का संकेत।

विदेशी निवेशकों ने खरीदे 14 करोड़ शेयर! ₹70 के पार जाएगा इस चर्चित एनर्जी कंपनी का स्टॉक, क्या आपके पास है?

घरेलू संस्थागत निवेशकों की बिकवाली

दिसंबर तिमाही के आंकड़ों से पता चलता है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी सितंबर के 10.16 प्रतिशत से घटकर 9.24 प्रतिशत रह गई। इसका मतलब है कि उन्होंने करीब 12.65 करोड़ शेयर बेच दिए। म्यूचुअल फंड्स ने भी अपनी स्थिति में मामूली कटौती की। सितंबर में 4.91 प्रतिशत वाली उनकी हिस्सेदारी अब 4.82 प्रतिशत पर सिमट गई, जो 9 बेसिस पॉइंट की कमी दर्शाती है। दिलचस्प यह है कि मोतीलाल ओसवाल मल्टीकैप फंड जैसे बड़े खिलाड़ी अब प्रमुख शेयरधारकों की सूची से बाहर हो चुके हैं। हालांकि, कुल म्यूचुअल फंड स्कीम्स की संख्या 32 से बढ़कर 34 हो गई, जो कुछ नए निवेशकों की रुचि दिखाती है। यह बदलाव बाजार की अनिश्चितता में सतर्क रणनीति का परिणाम लगता है।

रिटेल निवेशकों का सतर्क रुख

रिटेल निवेशकों ने भी इस तिमाही में मुनाफा वसूली या जोखिम कम करने का रास्ता अपनाया। उन्होंने लगभग 1.08 करोड़ शेयर बेचे, जिससे उनकी कुल हिस्सेदारी 39.17 प्रतिशत से घटकर 39.07 प्रतिशत हो गई। दिसंबर के अंत तक 55.71 लाख से अधिक रिटेल निवेशक कंपनी के शेयरों पर कायम हैं। यह मामूली कमी दिखाती है कि खुदरा बाजार अभी भी कंपनी पर भरोसा रखता है, लेकिन अस्थिरता के बीच सावधानी बरत रहा है। रिटेल की मजबूत संख्या कंपनी के खुदरा आधार को मजबूत बनाए रखती है।

विदेशी निवेशकों का बढ़ता विश्वास

पूरी तरह उलट कहानी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की है। उन्होंने दिसंबर तिमाही में 14.21 करोड़ शेयर खरीदे, जिससे उनकी हिस्सेदारी 22.70 प्रतिशत से बढ़कर 23.73 प्रतिशत पहुंच गई। यह कदम कंपनी के लंबी अवधि के प्रॉस्पेक्ट्स पर विदेशी हाथों के भरोसे को रेखांकित करता है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की ग्रोथ पोटेंशियल को देखते हुए FPI का यह रुख अन्य निवेशकों के लिए संकेत हो सकता है।

शेयर प्रदर्शन और विशेषज्ञ मत

हाल ही में शेयर में हल्की रिकवरी देखी गई। बुधवार को यह 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 49.01 रुपये पर बंद हुआ, और कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 67,000 करोड़ रुपये से थोड़ा ऊपर रहा। हालांकि, यह अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर 74.30 रुपये से करीब 34 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज फर्मों के नजरिए में अंतर है। नुवामा ने 60 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ होल्ड रेटिंग दी है, जबकि JM फाइनेंशियल ने डिस्पैच में सुधार और लाभ की उम्मीदों पर 70 रुपये का लक्ष्य रखते हुए बाय रेटिंग बरकरार रखी। ये राय निवेश निर्णयों को प्रभावित कर सकती हैं।

कुल मिलाकर, सुजलॉन का शेयरहोल्डिंग पैटर्न बदलते बाजार की कहानी बयां कर रहा है। FPI की खरीदारी भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देती है, जबकि घरेलू बिकवाली सतर्कता दिखाती है। निवेशक अब कंपनी के आगामी रिजल्ट्स और सेक्टर ट्रेंड्स पर नजर रखेंगे। क्या आप भी इस स्टॉक पर नजर डाल रहे हैं?

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info@dietjjr.in

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