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Success Story: फेलियर से ₹12 लाख महीना तक का सफर! ₹50,000 के उधार से खड़ा किया साम्राज्य; जानें वो एक सीक्रेट जिसने बदल दिया पूरा गेम।

स्ट्रीट फूड के बिजनेस को अक्सर लोग 'जोखिम भरा' और 'छोटा काम' मानकर टाल देते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के ठाणे के रहने वाले 23 वर्षीय गणेश साठे ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है, गणेश ने किसी आलीशान कैफे से नहीं, बल्कि साल 2023 में एक पुराने जर्जर ठेले से अपने 'बेन्ने डोसा' (Benne Dosa) के सफर की शुरुआत की थी, आज उनका यह स्टार्टअप सोशल मीडिया और ठाणे की सड़कों पर चर्चा का विषय बना हुआ है

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Success Story: फेलियर से ₹12 लाख महीना तक का सफर! ₹50,000 के उधार से खड़ा किया साम्राज्य; जानें वो एक सीक्रेट जिसने बदल दिया पूरा गेम।
Success Story: फेलियर से ₹12 लाख महीना तक का सफर! ₹50,000 के उधार से खड़ा किया साम्राज्य; जानें वो एक सीक्रेट जिसने बदल दिया पूरा गेम।

स्ट्रीट फूड के बिजनेस को अक्सर लोग ‘जोखिम भरा’ और ‘छोटा काम’ मानकर टाल देते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के ठाणे के रहने वाले 23 वर्षीय गणेश साठे ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है, गणेश ने किसी आलीशान कैफे से नहीं, बल्कि साल 2023 में एक पुराने जर्जर ठेले से अपने ‘बेन्ने डोसा’ (Benne Dosa) के सफर की शुरुआत की थी, आज उनका यह स्टार्टअप सोशल मीडिया और ठाणे की सड़कों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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संघर्ष से शुरुआत: ₹50,000 और एक पुराना ठेला

गणेश के पास बड़ी पूंजी नहीं थी, लेकिन उनके पास कर्नाटक के मशहूर ‘बेन्ने डोसा’ (मक्खन वाला डोसा) की एक ऐसी रेसिपी थी, जिस पर उन्हें पूरा भरोसा था, उन्होंने भारी निवेश करने के बजाय संसाधनों का स्मार्ट इस्तेमाल किया:

  • किफायती शुरुआत: एक पुराना ठेला खरीदा और उसे ही अपना ऑफिस और किचन बनाया।
  • क्वालिटी से समझौता नहीं: गणेश का सीक्रेट उनकी प्रामाणिकता (Authenticity) में है। वे ताजे मक्खन और खास चटनी का उपयोग करते हैं, जो ग्राहकों को बार-बार खींच लाती है।

डिजिटल युग का फायदा: कैसे बदला गेम?

गणेश की सफलता में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया का भी बड़ा हाथ रहा, स्थानीय फूड व्लॉगर्स और इंस्टाग्राम रील्स के जरिए उनके ठेले का वीडियो वायरल हुआ, जिससे रातों-रात भीड़ उमड़ने लगी। आज उनके ठेले पर डोसा खाने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है  The Better India और Local18 जैसे प्लेटफॉर्म्स अक्सर ऐसी कहानियों को प्रमुखता से दिखाते हैं, जहाँ छोटे दुकानदार अपनी मेहनत से डिजिटल स्टार बन जाते हैं।

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क्यों कम रिस्क वाला है यह बिजनेस?

स्ट्रीट फूड बिजनेस में सफलता का मुख्य कारण Low Overhead Cost है, गणेश ने साबित किया कि:

  • आपको किसी महंगी जगह के किराए की जरूरत नहीं है।
  • अगर उत्पाद (Product) में दम है, तो मार्केटिंग अपने आप होती है।
  • कैश फ्लो: इसमें पैसा तुरंत हाथ में आता है, जिससे बिजनेस को बढ़ाना आसान होता है।

गणेश साठे की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो फंड की कमी का बहाना बनाकर शुरुआत नहीं करते, उन्होंने सिखाया कि ₹50,000 और एक पुराने ठेले के साथ भी साम्राज्य खड़ा करने की शुरुआत की जा सकती है, क्या आप गणेश साठे के बेन्ने डोसा की उस खास रेसिपी या बिजनेस मॉडल के बारे में और विस्तार से जानना चाहेंगे जिसने ग्राहकों को अपना मुरीद बना लिया?

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