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Haryana School Time Table: हरियाणा के स्कूलों का समय बदला! ठंड के चलते नया टाइम टेबल जारी; जल्दी देखें

हरियाणा में दुर्गा अष्टमी पर सरकारी स्कूलों का समय बदला! 30 सितंबर को स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 तक। दो शिफ्ट वाले स्कूलों में पहली शिफ्ट 10 से 12:30 तक। नवरात्रि की धूम में बच्चों को पूजा का पूरा मौका। शिक्षा विभाग का ये फैसला परिवारों को खुश कर रहा है!

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school timings changed in haryana

हरियाणा के स्कूलों में इन दिनों त्योहारों का रंग छा गया है। शारदीय नवरात्रि की धूम में दुर्गा अष्टमी के मौके पर शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है। ये फैसला बच्चों और शिक्षकों को सुबह की पूजा-अर्चना में हिस्सा लेने का पूरा मौका देने के लिए लिया गया है। आइए, इसकी पूरी डिटेल्स जानते हैं और समझते हैं कि ये बदलाव कितना प्रैक्टिकल है।

30 सितंबर को देर से खुलेंगे स्कूल

शिक्षा निदेशालय ने साफ आदेश जारी किया है कि 30 सितंबर को, जो दुर्गा अष्टमी का दिन है, सभी सरकारी स्कूल सामान्य समय से देर से खुलेंगे। इस दिन स्कूलों का टाइम टेबल सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक रहेगा। सोचिए, आम दिनों में स्कूल सुबह 8 बजे खुलते हैं, लेकिन इस बार दो घंटे की देरी से शुरू होंगे। इससे न सिर्फ बच्चे बल्कि स्टाफ को भी घर पर कजरी पूजा करने का वक्त मिलेगा। ये बदलाव सिर्फ एक दिन का है, लेकिन त्योहार की खुशी को दोगुना कर देगा।

दो शिफ्ट वाले स्कूलों के लिए खास व्यवस्था

कई स्कूलों में दो शिफ्ट चलती हैं, वहां भी इंतजाम हो गया है। पहली शिफ्ट वाले स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेंगी। दूसरी शिफ्ट का समय जस का तस रहेगा, यानी वही पुराना शेड्यूल। इससे किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। मसलन, अगर आपके बच्चे पहली शिफ्ट में पढ़ते हैं, तो वो सुबह आराम से पूजा कर लेंगे और फिर स्कूल चले जाएंगे। ये सोच-समझकर लिया गया फैसला लगता है, जो हर घर की जरूरत को ध्यान में रखता है।

शारदीय नवरात्रि की धूम

इस बार शारदीय नवरात्रि 23 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 1 अक्टूबर को इसका धूमधाम से समापन होगा। 30 सितंबर को अष्टमी तिथि है, जब मां दुर्गा की विशेष पूजा होती है। उसके ठीक दो दिन बाद, 2 अक्टूबर को दशहरा का त्योहार आएगा। नवरात्रि के ये नौ दिन हर घर में पूजा, गरबा और भक्ति से भरे होते हैं। हरियाणा जैसे राज्य में, जहां हिंदू परंपराएं गहरी जड़ें रखती हैं, ये बदलाव लोगों के दिल को छू गया है। बच्चे अब बिना टेंशन के माता की चौकी सजाने में मदद कर सकेंगे।

क्यों जरूरी था ये समय बदलाव?

सच कहें तो, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में त्योहार मनाना मुश्किल हो गया है। स्कूल का जल्दी खुलना, ट्रैफिक की जाम, ये सब मिलकर सुबह की पूजा को नामुमकिन बना देते हैं। शिक्षा विभाग का ये कदम इसी समस्या का हल है। बच्चे सुबह घर पर कन्या पूजन करेंगे, मां के दर्शन करेंगे, फिर स्कूल जाएंगे। शिक्षक भी थकान महसूस नहीं करेंगे। ये बदलाव न सिर्फ धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है, बल्कि पढ़ाई को भी प्रभावित नहीं होने देता। हरियाणा सरकार की ये संवेदनशीलता सराहनीय है।

अभिभावकों और बच्चों के लिए फायदे

अभिभावक खुश हैं, क्योंकि अब बच्चों को स्कूल छुड़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक मां ने बताया, “पहले तो पूजा के चक्कर में बच्चे लेट हो जाते थे, अब सब सेट है।” स्टूडेंट्स भी उत्साहित हैं – गरबा रिहर्सल और स्कूल दोनों संभव हो गए। हालांकि, कुछ जगहों पर प्राइवेट स्कूलों ने भी इसकी नकल की है। कुल मिलाकर, ये बदलाव त्योहार को फैमिली टाइम बनाता है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसे शेयर कर रहे हैं, कह रहे हैं कि सरकार ने दिल जीत लिया।

आगे क्या? दशहरा तक और छुट्टियां?

अभी तो सिर्फ 30 सितंबर का ऐलान हुआ है, लेकिन दशहरा पर भी कुछ सरप्राइज हो सकता है। हरियाणा में त्योहारों को लेकर सरकार हमेशा अलर्ट रहती है। अभिभावकों को सलाह है कि स्कूलों के नोटिस चेक करते रहें। इस बदलाव से साफ है कि पढ़ाई और संस्कृति का बैलेंस बनाना संभव है। उम्मीद है, दूसरे राज्य भी इससे सीख लेंगे। नवरात्रि की शुभकामनाएं!

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info@dietjjr.in

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