मोदी सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) ने नौ साल पूरे कर लिए हैं और अब यह गर्भवती महिलाओं के लिए एक बड़ा तोहफा बन गई है। संसद के हालिया सत्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने धमाकेदार ऐलान किया कि योजना के तहत पहली संतान पर 5,000 रुपये और दूसरी बालिका संतान पर अतिरिक्त 6,000 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होंगे। जनवरी 2026 में योजना के नौ वर्ष पूरे होने पर जारी आंकड़ों से पता चलता है कि 4 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को 19,000 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है। यह योजना मां और नवजात शिशु के स्वास्थ्य को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित हो रही है।

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योजना का विस्तार और लाभ
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 अब दूसरी जीवित संतान, खासकर बेटियों के लिए भी खुल गई है। पहली संतान के लिए कुल 5,000 रुपये तीन किश्तों में मिलते हैं, पहली किश्त गर्भावस्था के शुरुआती रजिस्ट्रेशन पर 3,000 रुपये, दूसरी एंटीनेटल चेकअप के बाद 2,000 रुपये और तीसरी जन्म रजिस्ट्रेशन पर। दूसरी बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये एकमुश्त सहायता दी जाती है, जो जननी सुरक्षा योजना के साथ मिलाकर कुल 11,000 रुपये तक पहुंच जाती है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से पैसे आधार लिंक्ड बैंक खाते में बिना किसी बिचौलिए के पहुंचते हैं। मिशन शक्ति के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों से यह योजना पूरी तरह जुड़ी हुई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भी आसानी से पहुंच हो रही है।
पात्रता मानदंड
यह योजना 19 वर्ष से अधिक उम्र की गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए है, जो पहली या दूसरी जीवित संतान की मां हों। सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं मुख्य लक्ष्य हैं। सरकारी नौकरी वाली या अन्य समान योजनाओं से लाभ लेने वाली महिलाएं अयोग्य मानी जाती हैं। न्यूनतम मजदूरी घाटे की भरपाई के उद्देश्य से डिजाइन की गई यह योजना 2025 से फेशियल बायोमेट्रिक सत्यापन पर जोर दे रही है, ताकि धोखाधड़ी रुके और सही लाभार्थी तक पैसा पहुंचे।
मंत्री का संसदीय ऐलान
संसद में मंत्री ने साफ कहा कि PMMVY का डिजिटल प्लेटफॉर्म रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है। 2026 तक हर जिले में पूर्ण कवरेज का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए विशेष 90:10 फंडिंग व्यवस्था है। इससे मातृ मृत्यु दर में भारी कमी आई है और पोषण जागरूकता बढ़ी है। 2025-26 में ही 59 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल चुका है, जो योजना की सफलता का प्रमाण है।
आवेदन कैसे करें?
आंगनवाड़ी केंद्र या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराएं। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मातृत्व-शिशु संरक्षण कार्ड (MCP) साथ ले जाएं। ऑनलाइन आवेदन के लिए myscheme.gov.in पोर्टल या UMANG ऐप का इस्तेमाल करें। आवेदन की स्थिति जांचने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-111-550 पर कॉल करें। ड्यू लिस्ट सिस्टम से स्वतः लाभार्थी चिह्नित हो जाते हैं।
यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है और परिवारों में खुशहाली ला रही है। अगर आप पात्र हैं, तो देर न करें तुरंत संपर्क करें और सरकार का पैसा अपने खाते में जमा कराएं।
















