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Railway Comfort: RAC पैसेंजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! कंफर्म सीट न मिलने पर रिफंड के नए प्रस्ताव ने बढ़ाई यात्रियों की उम्मीद।

संसदीय PAC ने RAC टिकट पर पूरा किराया अनुचित ठहराया- आधी बर्थ पर आंशिक रिफंड की मांग! सुपरफास्ट ट्रेनों की 55 kmph गति पुरानी, 2030 तक 100 kmph लक्ष्य। नई ट्रेनें पंक्चुएलिटी बिगाड़ रही। रेल मंत्रालय पर कार्रवाई का दबाव, यात्रियों को बड़ी राहत की उम्मीद!

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Railway Comfort: RAC पैसेंजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! कंफर्म सीट न मिलने पर रिफंड के नए प्रस्ताव ने बढ़ाई यात्रियों की उम्मीद।

भारतीय रेलवे में RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट धारकों के लिए अच्छी खबर है। संसदीय लोक लेखा समिति (PAC) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में RAC यात्रियों से पूरा किराया वसूलने को अनुचित ठहराया है, खासकर जब उन्हें पूरी बर्थ न मिले। समिति ने रेल मंत्रालय को आंशिक रिफंड की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है, जिससे यात्रियों की लंबे समय की मांग पूरी हो सकती है।

RAC टिकट की मौजूदा समस्या

पंक्चुअलिटी एंड ट्रैवल टाइम इन ट्रेन आपरेशंस इन इंडियन रेलवे” नामक रिपोर्ट में PAC ने स्पष्ट कहा कि चार्ट तैयार होने के बाद भी RAC में रहने वाले यात्रियों को आधी बर्थ पर सफर करना पड़ता है, फिर भी पूरा भाड़ा लिया जाता है। इससे दो यात्रियों से डबल कमाई होती है, जो न्यायोचित नहीं। वर्तमान नियमों में चार्ट से पहले कैंसिल पर सीमित डिडक्शन (₹60 स्लीपर, ₹90 AC) तो ठीक, लेकिन कंफर्म न मिलने पर TDR फाइल कर रिफंड का झंझट। समिति ने मांग की कि ऐसे मामलों में पार्शियल रिफंड अनिवार्य हो।

रिपोर्ट के अनुसार, RAC टिकट पर पूरा किराया लेना तब उचित जब पूरी सुविधा मिले। अन्यथा, आधी सीट के लिए आधा किराया लौटाना चाहिए। रेल मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि इस दिशा में कदम बताएं और PAC को अपडेट दें। यह बदलाव करोड़ों यात्रियों को लाभ देगा, जो पीक सीजन में WL या RAC का इंतजार करते हैं।

सुपरफास्ट ट्रेनों के मानदंडों पर सवाल

समिति ने सुपरफास्ट ट्रेनों की परिभाषा पर भी उंगली उठाई। 2007 के नियम के तहत ब्रॉडगेज पर 55 किमी/घंटा औसत गति पर सुपरफास्ट टैग, लेकिन 478 में से 123 ट्रेनें इससे नीचे। सिर्फ 47 ही मानक से ऊपर। चीन-जापान जैसे देशों का हवाला देते हुए PAC ने कहा कि यह पुराना हो गया। सुपरफास्ट का मकसद ज्यादा किराया वसूलना लगता है। सिफारिश की गई कि गति कम होने पर श्रेणी हटे और किराया घटे। 2030 तक औसत 100 किमी/घंटा का लक्ष्य रखें। नई ट्रेनें पुरानी एक्सप्रेस को रोकर पंक्चुएलिटी बिगाड़ती हैं, इसलिए मौजूदा ट्रेनों पर फोकस करें।

यात्रियों के लिए क्या फायदा?

मुद्दामौजूदा नियमPAC सुझाव
RAC रिफंडTDR पर सीमित, पूरा किरायाआंशिक रिफंड अनिवार्य
सुपरफास्ट गति55 किमी/घंटा न्यूनतम100 किमी/घंटा लक्ष्य 2030 तक
पंक्चुएलिटीनई ट्रेन प्राथमिकतापुरानी ट्रेनें पहले समय पर

RAC पर नया प्रस्ताव कन्फर्म न मिलने पर आसान रिफंड सुनिश्चित करेगा। ATM/UPI जैसी डिजिटल सुविधा की तरह रेलवे में भी सुधार जरूरी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्री संतुष्टि बढ़ाएगा।

आगे की राह

रेल मंत्रालय को रिपोर्ट पर कार्रवाई करनी होगी। यात्रियों को IRCTC ऐप पर PNR चेक करते रहना चाहिए। टाटकल RAC पर 25% कटौती तो रहेगी, लेकिन लॉन्ग जर्नी में राहत बड़ी। फरवरी में बजट सत्र के बाद अपडेट्स आ सकते हैं। स्मार्ट यात्रा के लिए नियमों पर नजर!

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info@dietjjr.in

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