केंद्र सरकार ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के लिए पीएम विश्वकर्म योजना शुरू की है। यह योजना 18 तरह के पारंपरिक कामों जैसे बढ़ईगिरी, राजमिस्त्री, दर्जी, बुनाई आदि पर फोकस करती है। योजना के तहत स्किल ट्रेनिंग, फाइनेंशियल हेल्प और टूलकिट जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। लाखों कारीगर इससे लाभान्वित हो चुके हैं।

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योजना के प्रमुख लाभ
पीएम विश्वकर्म योजना कारीगरों के लिए वरदान साबित हो रही है। यहां मुख्य लाभों की लिस्ट है:
- फ्री 15 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग: स्किल्स सीखने का पूरा मौका।
- ट्रेनिंग में ₹500 प्रतिदिन भत्ता: रोजाना पैसे मिलते रहेंगे।
- ट्रेनिंग खत्म होने पर ₹15000 टूलकिट वाउचर: डीबीटी से सीधे खाते में।
- ₹3 लाख तक लोन कम ब्याज पर: बिजनेस शुरू करने के लिए आसान फंडिंग।
ये लाभ योजना को बेहद पॉपुलर बना रहे हैं।
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इस योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ बेसिक शर्तें पूरी करनी होंगी। आसान शर्तें हैं:
- भारत का स्थायी निवासी हों (ग्रामीण या शहरी क्षेत्र से कोई फर्क नहीं)।
- 18 साल से ऊपर उम्र हो।
- पारंपरिक कारीगर, शिल्पकार या आर्टिसन हों।
- योजना में शामिल 18 ट्रेड्स में से किसी एक में काम करते हों।
अगर ये शर्तें मैच करती हैं, तो तुरंत अप्लाई करें!
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₹15000 टूलकिट वाउचर का पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?
घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से आसानी से स्टेटस चेक कर सकते हैं। आधार नंबर ही मुख्य कुंजी है। फॉलो करें ये स्टेप्स:
- ऑफिशियल पीएम विश्वकर्म पोर्टल पर जाएं (pmvishwakarma.gov.in)।
- आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर लॉगिन करें।
- डैशबोर्ड में ‘प्रोफाइल’ या ‘वाउचर स्टेटस’ सेक्शन चुनें।
- स्क्रीन पर टूलकिट वाउचर का स्टेटस दिखेगा – अप्रूव्ड होने पर ₹15000 डीबीटी से ट्रांसफर हो जाएगा।
OTP वेरिफिकेशन जरूरी है। समस्या हो तो हेल्पलाइन पर कॉल करें।
योजना से जुड़े टिप्स
- रजिस्ट्रेशन के बाद ट्रेनिंग पूरी करें, वरना वाउचर नहीं मिलेगा।
- सभी डॉक्यूमेंट्स अपडेट रखें।
- नियमित पोर्टल चेक करें ताकि कोई अपडेट मिस न हो।
यह योजना कारीगरों के भविष्य को उज्ज्वल बना रही है। अभी चेक करें अपना स्टेटस!
















