
हाईवे पर फर्राटा भरते हो, लेकिन पुराना टोल बकाया चुपके से जमा हो गया तो सावधान! मोदी सरकार ने नया नियम ला दिया है। अब गाड़ी बेचनी हो या फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू कराना हो, तो पहले सारे टोल प्लाजा के पैसे चुकाओ। बैरियर फ्री टोलिंग के दौर में ये कदम चोरी रोकने को है। सड़क मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 2026 अधिसूचित कर दिए। चलो, सरल शब्दों में समझते हैं ये क्या बवाल लाएगा।
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बैरियर फ्री टोलिंग
अब नेशनल हाईवे पर बिना रुके टोल कटेगा – फास्टैग और ANPR कैमरों से। लेकिन मकसद साफ: हर वाहन मालिक अपनी यूजर फीस चुका दे। बकाया रहा तो गाड़ी ट्रांसफर नहीं, फिटनेस NOC नहीं, परमिट रिन्यू नहीं। सरकार कह रही है, ऑनलाइन कलेक्शन मजबूत होगा, चोरी रुकेगी। हाईवे की मरम्मत के लिए पैसे जुटेंगे। अच्छा लग रहा है ना?
बकाया पर सख्ती
नए नियमों में ‘अनपेड यूजर फीस’ को साफ किया गया। मतलब हाईवे इस्तेमाल किया लेकिन इलेक्ट्रॉनिक टोल न चुकाया। NHAI को पावर मिली ऑटोमैटिक सिस्टम चलाने की। बकाया पर ऑनलाइन नोटिस, फास्टैग सस्पेंड, जुर्माना। सोचो, छोटा-मोटा बकाया भूल गए तो गाड़ी बेचते वक्त फंस जाओगे। मंत्रालय बोला, ये हाईवे नेटवर्क मजबूत करेगा।
फॉर्म 28 में बड़ा बदलाव
वाहन ट्रांसफर के फॉर्म 28 में अब टोल बकाया का कॉलम जोड़ा। बेचते समय बताना पड़ेगा – कोई प्लाजा पर लंबित तो हां, ब्योरा दो। ऑनलाइन पोर्टल से फॉर्म जारी होगा। डिजिटल इंडिया का कमाल! पुराने चालान-टैक्स सब क्लियर होने पर ही NOC। गाड़ी खरीदने वाले को भी फायदा – कोई छिपा बोझ नहीं।
जनता के सुझावों से बने नियम
ये बदलाव जुलाई 2025 के ड्राफ्ट पर लोगों के फीडबैक से आए। मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 2026 में बैरियर फ्री टोल प्राथमिकता। टोल कलेक्शन कॉस्ट 15% से गिरकर 3% हो जाएगी। ट्रैफिक तेज, रखरखाव बेहतर। जनता की आवाज सुनी गई।
ANPR और फास्टैग
नया सिस्टम ANPR कैमरे और RFID से चलेगा। नंबर प्लेट स्कैन, फास्टैग पढ़ा, टोल कट। बिना रुके निकलो। AI एनालिटिक्स चोरी पकड़ेगा। नोटिस न माने तो फास्टैग ब्लॉक, अन्य पेनल्टी। हाईवे सफर आसान, लेकिन नियम मानो।
क्या करें अब आप?
पहले चेक करो फास्टैग बैलेंस, NHAI ऐप से बकाया देखो। बेचने से पहले क्लियर करो। छोटी सी कोशिश से बड़ा झमेला टलेगा। सरकार का इरादा नेक – हाईवे बेहतर, टोल सही। सावधानी हटी, दुर्घटना आई!
















