
उत्तर प्रदेश के मेहनती किसानों के चेहरे पर अब मुस्कान आनी तय है। राज्य की मूल्य परामर्शदात्री समिति ने खरीफ सत्र 2026-27 के लिए धान, मक्का, दालें और तिल जैसी 10 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 5 से 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की सिफारिश कर दी है। कल्पना कीजिए, आपकी मेहनत की फसल अब पहले से कहीं ज्यादा दाम पर बिकेगी।
विधान भवन में शुक्रवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अगुवाई में हुई बैठक में ये फैसला लिया गया, जो किसानों की जेब मजबूत करने वाला है। ये सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी गई हैं, और अगर मान ली गईं तो प्रति क्विंटल 100-200 रुपये का फायदा सीधे किसानों के खाते में आएगा। वैसे तो किसान भाई साल भर खेतों में पसीना बहाते हैं, लेकिन अब उनकी कमाई में इजाफा होगा – ये तो वाकई गेम चेंजर है!
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प्रमुख फसलों पर लगेगी MSP की मार
अब बात करते हैं उन फसलों की जो हमारे किसानों की रीढ़ हैं। सामान्य धान का मौजूदा MSP 2369 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि ग्रेड-ए धान का 2389 रुपये। समिति की सिफारिशों से इनमें अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी। मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, अरहर, सोयाबीन और तिल – इन सबकी कीमतों में 5-10% का जंप आएगा। सोचिए, मक्का उगाने वाले भाई को अब पहले से ज्यादा पैसे मिलेंगे, जो उनकी फैमिली के लिए बड़ी राहत।
ये बढ़ोतरी किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के मकसद से की गई है। केंद्र अगर इसे हरी झंडी दे दे, तो खरीफ सीजन में बाजार में हलचल मच जाएगी। किसान भाई अब बेफिक्र होकर बोआई करेंगे, क्योंकि MSP का ये बूस्टर उनकी मेहनत का पूरा हक दिलाएगा।
उर्वरक पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में सबसे सख्त बात हुई उर्वरकों की। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने साफ लफ्जों में कहा – जो खाद कंपनियां टारगेट पूरा नहीं करेंगी, उनके खिलाफ FIR हो जाएगी! जी हां, जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है अब। किसानों को खाद की कमी बर्दाश्त नहीं होगी। प्रदेश में स्टॉक की ताजा तस्वीर देखिए: 7.23 लाख टन यूरिया, 4.35 लाख टन DAP और 3.69 लाख टन NPK तैयार है। सहकारिता सेक्टर में भी 2.07 लाख टन यूरिया और 1.79 लाख टन DAP स्टॉक में है। रोजाना 12-13 यूरिया रैक आ रही हैं। मंत्री जी ने अफसरों को अलर्ट किया कि निजी-सार्वजनिक केंद्रों पर स्टॉक चेक हो, कोई शिकायत न आए। ये नीति किसानों को समय पर खाद दिलाएगी, ताकि फसल की पैदावार न डगमगाए।
किसानों तक पहुंची मदद की बाढ़
सरकार की मेहनत रंग ला रही है। 1 अक्टूबर से अब तक 1.02 करोड़ किसानों ने 50.93 लाख टन उर्वरक ले लिया। मंत्री जी का दावा है – हर जिले में खाद की भरमार है, कमी नहीं होने देंगे। चाहे निजी दुकान हो या सरकारी केंद्र, स्टॉक फुल है। सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर और खाद्य-रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा समेत आला अफसर भी बैठक में थे। ये सब मिलकर किसानों की हर समस्या सुलझा रहे हैं। खरीफ 2026-27 अब किसानों के लिए सुनहरा साबित होगा – MSP बढ़ा, खाद मुहैया, क्या चाहिए और?
किसानों का स्वर्णिम दौर शुरू
कुल मिलाकर, ये फैसले उत्तर प्रदेश के किसानों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। MSP बढ़ोतरी से आय में इजाफा, खाद की गारंटी से फसल सुरक्षित। सरकार का ये कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अब खेतों में हंसी-खुशी का माहौल बनेगा। भाई लोग, तैयार हो जाओ – आगामी खरीफ में बंपर कमाई का इंतजार है!
















