
भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है, अगर आप सोचते हैं कि केवल फिजिकल और लिखित परीक्षा पास कर लेना ही काफी है, तो आप गलत हो सकते हैं, सेना ने भर्ती के नियमों में कुछ ऐसे बदलाव किए हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना आपको मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया से बाहर (Disqualify) करवा सकता है।
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ट्रेड चुनाव में ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ पड़ेगा भारी
अक्सर छात्र केवल अपने पसंदीदा ट्रेड को ही फॉर्म में भरते हैं, लेकिन यह गलती आपको मेरिट से बाहर कर सकती है।
फॉर्म भरते समय उपलब्ध सभी ट्रेड विकल्पों (जैसे 10वीं पास के लिए 9 विकल्प) को प्राथमिकता के आधार पर जरूर भरें। यदि आपके पसंदीदा ट्रेड में वैकेंसी भर जाती है, तो आपके पास दूसरे ट्रेड में चयन का मौका बना रहेगा। यदि आपने विकल्प नहीं भरे, तो मेरिट में होने के बावजूद आपका पत्ता कट सकता है।
दस्तावेजों में जरा सी चूक और सपना चकनाचूर
मेरिट लिस्ट के बाद होने वाला दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) सबसे कठिन चरण होता है। इन गलतियों से बचें:
- नाम और जन्मतिथि: मार्कशीट और आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि की स्पेलिंग में अंतर होने पर उम्मीदवारी रद्द हो सकती है।
- मान्यता प्राप्त बोर्ड: केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्डों की मार्कशीट ही स्वीकार की जाएगी।
- अनिवार्य सर्टिफिकेट: रैली के दौरान और बाद में जरूरत पड़ने वाले कुछ प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- फोटोग्राफ: अभ्यर्थी अपने पास कम से कम 20 पासपोर्ट साइज फोटो (सफेद बैकग्राउंड) रखें, जो 3 महीने से ज्यादा पुराने न हों।
- शपथ पत्र (Affidavit): सेना द्वारा निर्धारित प्रारूप में ₹10 के स्टैम्प पेपर पर एफिडेविट अनिवार्य है।
- अनुशासन: मेरिट के बाद भी यदि किसी पुलिस केस या अनुशासनहीनता की पुष्टि होती है, तो भर्ती रद्द कर दी जाएगी।
















