
सर्दियों का कोहरा और मेंटेनेंस वर्क ने भारतीय रेलवे को परेशान कर दिया है। फरवरी और मार्च 2026 में उत्तर-पूर्व भारत की दर्जनभर ट्रेनें रद्द हो रही हैं, कुछ के रूट भी शिफ्ट हो गए। अगर आपकी ट्रेन इनमें है, तो प्लान बी तैयार रखें। NTES ऐप चेक करना न भूलें, वरना स्टेशन पर खड़े रह जाएंगे। ये बदलाव सुरक्षा और सुचारू रनिंग के लिए हैं, लेकिन यात्रियों को थोड़ी असुविधा तो बनी रहेगी।
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कोहरे की मार: फरवरी में ये प्रमुख ट्रेनें बंद
उत्तर भारत में घना कोहरा रेल ट्रैक पर भूत की तरह घूम रहा है। 27-28 फरवरी तक हावड़ा-देहरादून उपासना एक्सप्रेस (12327/28) रद्द रहेगी। अमृतसर-पूर्णिया कोर्ट जनसेवा एक्सप्रेस (14617/18) 2 मार्च तक बंद। कोलकाता-झांसी एक्सप्रेस (22197/98) और डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15903/04) भी 1 मार्च तक गायब। बरौनी-अंबाला हरिहर एक्सप्रेस (14523/24) 26 फरवरी तक, टाटानगर-अमृतसर (18103/04) 27 फरवरी तक रद्द। प्रयागराज-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (14111/12) भी 25 फरवरी तक नहीं चलेगी। कोहरे में विजिबिलिटी कम होने से ये फैसला लिया गया, समझ आता है ना?
मार्च में गोरखपुर कनेक्टेड ट्रेनें प्रभावित
मार्च में ब्लॉक वर्क की वजह से गोरखपुर और आसपास की ट्रेनें सबसे ज्यादा पिट रही हैं। बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस (22921/22) 15 और 17 मार्च को रद्द। ग्वालियर-बलरामपुर एक्सप्रेस (22199/200) 18-19 मार्च तक बंद। छपरा-आनंद विहार एक्सप्रेस (15133/34) 16 और 18 मार्च को रद्द। गोरखपुर-गोमतीनगर (15081/82) 16 से 21 मार्च तक, और गोरखपुर-ऐशबाग एक्सप्रेस (15069/70) 17 से 21 मार्च तक नहीं चलेगी। ट्रैक रिपेयर के लिए ये जरूरी है, लेकिन गोरखपुर वाले यात्रियों को वैकल्पिक बस या फ्लाइट सोचनी पड़ेगी।
क्यों हो रहे ये बदलाव?
कोहरा तो सर्दी का मेहमान है, लेकिन रेलवे ब्लॉक भी कम जिम्मेदार नहीं। फरवरी में मौसम की मार से ट्रेनें लेट होती रहीं, अब रद्द कर सुरक्षित रखा जा रहा। मार्च में ट्रैक अपग्रेडेशन और इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए ब्लॉक पड़ेगा। कुछ ट्रेनों के फेरे भी घटाए गए हैं। रेलवे कहता है, ये अस्थायी है – अप्रैल से नॉर्मल हो जाएगा। लेकिन फिलहाल, यात्री प्लेटफॉर्म पर इंतजार न करें, पहले चेक करें।
यात्रियों के लिए गोल्डन टिप्स
भाई, स्टेशन भागने से पहले NTES वेबसाइट या ऐप पर ट्रेन स्टेटस देख लो। Enquiry 139 पर कॉल करो या IRCTC ऐप यूज करो। रद्द ट्रेन का अल्टरनेटिव ढूंढो – शायद कोई स्पेशल ट्रेन या एक्सप्रेस मिल जाए। कोहरे में देरी संभव, तो एक्स्ट्रा टाइम रखो। गोरखपुर जैसे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ेगी, टिकट पहले बुक करो। रेलवे हेल्पलाइन 182 पर शिकायत दर्ज कराओ अगर जरूरी हो। थोड़ी प्लानिंग से सफर आसान हो जाएगा।
आगे क्या? रेलवे की तैयारी और उम्मीदें
रेलवे ने वंदे भारत जैसी फास्ट ट्रेनें बढ़ाई हैं, लेकिन मौसमी दिक्कतें तो रहेंगी। 2026 में कोहरे पर निगरानी के लिए ड्रोन और सेंसर लगाए जा रहे। गोरखपुर-दिल्ली रूट पर डेडिकेटेड कॉरिडोर प्लान है। तब तक धैर्य रखो। ये रद्दीकरण विकास का हिस्सा हैं – मजबूत ट्रैक मतलब तेज सफर। यात्रियों से अपील है, अपडेटेड रहो और सुरक्षित यात्रा करो। रेलवे आपका साथ देगा!
















