
ट्रेन यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक नया नियम लागू किया है, जो कन्फर्म सीटों को लेकर सख्ती लाता है। अब अगर आप अपने तय बोर्डिंग स्टेशन पर समय पर नहीं पहुंचे, तो आपकी कन्फर्म सीट तुरंत किसी वेटलिस्ट या RAC यात्री को आवंटित हो सकती है। यह ‘नो वेटिंग’ पॉलिसी रेलवे की सीट उपयोगिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो पहले से चर्चित तारीख बदलाव और कैंसिलेशन नियमों को पूरक बनाती है।
Table of Contents
पुरानी व्यवस्था में क्या समस्या थी?
पहले, अगर कोई यात्री बोर्डिंग स्टेशन पर चढ़ता नहीं था, तो टीटीई अगले एक-दो स्टेशनों तक इंतजार करते थे। इस दौरान सीट खाली पड़ी रहती, जिससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को परेशानी होती। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, हर ट्रेन में 3-5% सीटें इसी वजह से व्यर्थ रह जातीं। इससे न केवल राजस्व का नुकसान होता, बल्कि ट्रेन में अव्यवस्था भी बढ़ती। उदाहरण के लिए, व्यस्त फेस्टिवल सीजन में यह समस्या चरम पर पहुंच जाती, जहां सैकड़ों यात्री स्टेशन पर खड़े टीटीई से गुहार लगाते।
नई पॉलिसी के तहत क्या बदलेगा?
अब टीटीई टिकट चेकिंग के दौरान ही ‘नॉट टर्न अप’ (NTA) दर्ज करेंगे, बिना किसी देरी के। सिस्टम स्वचालित रूप से उस सीट को उपलब्ध करा देगा, और नया आवंटन SMS या IRCTC ऐप के जरिए यात्री को तुरंत सूचित हो जाएगा। यह बदलाव रिजर्वेशन चार्ट के 8-10 घंटे पहले तैयार होने से जुड़ा है, जिससे स्टेटस पहले पता चल जाता है। साथ ही, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा चार्ट बनने से 24 घंटे पहले तक सीमित रहेगी। उसके बाद कोई बदलाव संभव नहीं।
अन्य नए नियमों का जिक्र
यह पॉलिसी जनवरी 2026 से लागू तारीख बदलाव सुविधा से जुड़ती है, जहां कन्फर्म टिकट की तारीख बिना कैंसिलेशन चार्ज बदली जा सकती है-केवल किराया अंतर चुकाने पर। लेकिन वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत II जैसी प्रीमियम ट्रेनों में 8 घंटे से कम पहले कैंसिल पर कोई रिफंड नहीं। कैंसिलेशन चार्ज: 72 घंटे पहले 25%, उसके बाद 50%। ये नियम 100% कन्फर्म बर्थ वाली ट्रेनों में लास्ट-मिनट नो-शो रोकने को हैं।
रेलवे का उद्देश्य और प्रभाव
रेलवे का कहना है कि यह डिजिटलीकरण को मजबूत करेगा, खाली सीटें कम होंगी और वेटिंग यात्रियों को तत्काल राहत मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, NTA मामलों में 20-30% की कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, कन्फर्म टिकट धारकों को अब ज्यादा सतर्क रहना होगा- ट्रैफिक जाम या देरी की स्थिति में तारीख बदलाव का विकल्प इस्तेमाल करें। दिल्ली जैसे शहरों में, जहां मेट्रो-रोड कनेक्टिविटी जटिल है, यह नियम यात्रा योजना को अनिवार्य बनाएगा।
यात्रियों के लिए सलाह
- सफर से 8-10 घंटे पहले IRCTC ऐप पर स्टेटस चेक करें।
- देरी हो तो तुरंत तारीख/बोर्डिंग अपडेट करें (आधार लिंक्ड अकाउंट जरूरी)।
- NTA पर 50% तक रिफंड संभव, लेकिन चार्ज कटौती के साथ।
यह नीति रेलवे को आधुनिक बनाते हुए यात्रियों की जिम्मेदारी बढ़ाती है। कुल मिलाकर, 600 शब्दों में यह बदलाव दैनिक 2 करोड़ यात्रियों के सफर को सुगम लेकिन अनुशासित बनाएगा।
















