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चांदी में ₹16,000 की भारी गिरावट! सोना भी ₹1.50 लाख के करीब; खरीदारी के लिए विशेषज्ञों ने बताया ‘गोल्डन चांस’।

बजट के बाद चांदी 16,000 रुपये गिरकर 2.49 लाख पर! सोना 1.38 लाख के पास। विशेषज्ञ चिल्ला रहे 'गोल्डन चांस'! गिरावट खत्म? अभी खरीदें या और इंतजार? जानें क्यों ये मौका हाथ से न निकले!

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मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। हाल ही में चांदी प्रति किलोग्राम लगभग 16,000 रुपये सस्ती होकर 2.49 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई, जबकि सोने का भाव भी 4,000 रुपये से ज्यादा गिरकर 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ stabilize हो गया। बजट 2026 के ऐलानों के बाद लगातार तीसरे दिन जारी यह गिरावट बाजार की अस्थिरता को दर्शा रही है। निवेशक भारी प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे कीमतें लगातार लुढ़क रही हैं।

चांदी में ₹16,000 की भारी गिरावट! सोना भी ₹1.50 लाख के करीब; खरीदारी के लिए विशेषज्ञों ने बताया 'गोल्डन चांस'।

गिरावट के मुख्य कारण

यह गिरावट अचानक नहीं हुई। बजट पेश होने के ठीक बाद 1 फरवरी 2026 को चांदी में 9 प्रतिशत से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। सोना भी अपने ऑल-टाइम हाई 1.50 लाख रुपये से नीचे फिसल गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, वैश्विक बाजारों में कमजोर संकेत और CME द्वारा गोल्ड फ्यूचर्स पर मार्जिन जरूरतें बढ़ाने से सट्टेबाजी घटी। इसके अलावा, महंगाई आंकड़ों का इंतजार और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं भी बाजार को दबाव में डाल रही हैं। चांदी अपने पीक 4 लाख रुपये से 42 प्रतिशत नीचे आ चुकी है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

बाजार पर असर

इस गिरावट का असर स्थानीय सर्राफा बाजारों पर भी दिख रहा है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में ज्वेलर्स ग्राहकों को सस्ते दामों का लालच दे रहे हैं। हालांकि, खुदरा खरीदारी अभी सुस्त है क्योंकि लोग और गिरावट की आशंका से बच रहे हैं। इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रॉफिट बुकिंग का दौर है, जो जल्द खत्म हो सकता है। वैश्विक स्तर पर भी सोना-चांदी के भाव टूटे हैं, जो भारत जैसे आयातक देशों को सीधा प्रभावित कर रहा है। लंबे समय से ऊंचे भावों पर चमक रही ये धातुएं अब सुधार के दौर में हैं।

विशेषज्ञों की राय

कई कमोडिटी विशेषज्ञ इसे खरीदारी का ‘गोल्डन चांस’ बता रहे हैं। उनका कहना है कि गिरावट खत्म होने के बाद कीमतें ऊपर चढ़ेंगी, खासकर वैश्विक टेंशन बढ़ने पर। लंबी अवधि के निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि सीमित मात्रा में सोना या चांदी खरीदें। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को इंतजार करने की सलाह है क्योंकि 10-20 प्रतिशत और करेक्शन हो सकता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या ETF जैसे विकल्प सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए यह मौका सुनहरा है, लेकिन बाजार की निगरानी जरूरी।

आगे की राह

निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बजट के बाद की यह अस्थिरता सामान्य है, लेकिन धैर्य रखें। जो लोग विवाह या त्योहारों के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उनके लिए सस्ते दाम फायदेमंद साबित हो सकते हैं। कुल मिलाकर, बाजार के उतार-चढ़ाव में अवसर छिपे हैं। सही समय पर सही कदम उठाएं तो लाभ संभव है। यह घटना निवेश जगत को सिखाती है कि जोखिम और अवसर हमेशा साथ चलते हैं। 

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info@dietjjr.in

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