
अगर आप विदेश यात्रा के दौरान सोना खरीदकर भारत लौटने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत में सोने के आयात पर कस्टम नियम हर साल अपडेट होते रहते हैं, और नियमों को न समझने पर आपको एयरपोर्ट पर भारी जुर्माना या जब्ती का सामना करना पड़ सकता है।
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पुरुष और महिला यात्रियों की ड्यूटी‑फ्री लिमिट अलग
कस्टम विभाग की ताज़ा गाइडलाइन के अनुसार, पुरुष यात्री 20 ग्राम तक सोने की ज्वेलरी (₹50,000 तक) और महिला यात्री 40 ग्राम तक (₹1,00,000 तक) की ज्वेलरी ड्यूटी‑फ्री ला सकते हैं। इसके अलावा, कुल सोने का वजन चाहे ज्वेलरी हो या गोल्ड बार/कॉइन, 1 किलो तक सीमित है, लेकिन इससे ऊपर लाए गए सोने पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस ड्यूटी‑फ्री सीमा का फायदा केवल ज्वेलरी पर मिलता है, गोल्ड बार या कॉइंस पर नहीं। एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन के बाद ड्यूटी लगाई जाती है, जो लगभग 6% के आसपास होती है।
कस्टम डिक्लेरेशन और जोखिम
सोना लाते समय अपने इनवॉइस और बिल साथ रखना बेहद जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर कस्टम एक्ट 1962 के तहत आपका सोना जब्त हो सकता है और भारी जुर्माना भी लग सकता है।
एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों के लिए दो चैनल होते हैं:
- Green Channel: ड्यूटी‑फ्री सामान के लिए।
- Red Channel: यदि ड्यूटी लगने वाला सोना या अन्य सामान है, तो इसे यहां डिक्लेयर करना अनिवार्य है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि यात्रियों को सोने को छुपाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। नियमों की अनदेखी भारी परेशानी और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।
सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए लागू नियम
यह नियम सभी देशों से आने वाले यात्रियों पर समान रूप से लागू होते हैं। चाहे आप दुबई, लंदन, सिंगापुर या अमेरिका से आ रहे हों, कस्टम नियम हर जगह एक जैसे ही हैं। ताज़ा बदलाव के अनुसार, अब सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कुल ड्यूटी‑फ्री सामान की सीमा ₹75,000 तक बढ़ा दी गई है। हालांकि सोने की विशिष्ट लिमिट अब भी अलग से लागू होती है, लेकिन यह समग्र ड्यूटी‑फ्री सीमा यात्रा योजना पर असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों की राय
ज्वेलरी एक्सपर्ट और कस्टम सलाहकार बताते हैं कि विदेश से सोना लाते समय सावधानी और नियमों का पालन करना सर्वोपरि है। “एक छोटा सा नियम तोड़ना भी भारी जुर्माने और कानूनी समस्याओं की वजह बन सकता है। इसलिए योजना बनाते समय कस्टम लिमिट, दस्तावेज़ और ड्यूटी की जानकारी पहले से जान लेना जरूरी है,” वे कहते हैं।
















