
आजकल स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है? साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अब स्मार्टफोन यूजर्स की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं, यदि आपके फोन में ये तीन प्रतिबंधित चीजें पाई जाती हैं, तो आप पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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चाइल्ड पोर्नोग्राफी: भूलकर भी न करें ये गलती
भारत में बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री (Child Pornography) को लेकर कानून बेहद सख्त है। POCSO अधिनियम और IT एक्ट के तहत ऐसी सामग्री को फोन में रखना, देखना या किसी को भेजना एक गैर-जमानती अपराध है। साइबर सेल की टीमें आधुनिक टूल्स के जरिए ऐसे डेटा को ट्रैक करती हैं। यदि कोई यूजर इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे बिना वारंट के गिरफ्तार कर लंबी जेल की सजा दी जा सकती है।
पायरेटेड कंटेंट: भारी पड़ सकता है ‘मुफ्त’ का मनोरंजन
अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में टॉरेंट या अन्य अवैध वेबसाइटों से फिल्में, वेब सीरीज और सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लेते हैं, भारत के कॉपीराइट कानून के अनुसार, बिना अनुमति के पायरेटेड कंटेंट रखना या उसे प्रसारित करना दंडनीय अपराध है, यदि आप ऐसी सामग्री को व्हाट्सएप या टेलीग्राम के जरिए साझा करते हैं, तो पुलिस आप पर कॉपीराइट उल्लंघन का मामला दर्ज कर सकती है।
भड़काऊ और देश विरोधी सामग्री
सोशल मीडिया के दौर में भ्रामक और नफरत फैलाने वाले संदेशों की बाढ़ आ गई है, अगर आपके फोन में ऐसी कोई फोटो, वीडियो या टेक्स्ट मैसेज है जो धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने या देश की सुरक्षा के खिलाफ हो, तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। IT Act की धाराओं के तहत पुलिस सोशल मीडिया और फॉरवर्ड किए जाने वाले संदेशों की निगरानी करती है, ऐसे मैसेज को फॉरवर्ड करना आपको दंगों या सामाजिक अशांति फैलाने का दोषी बना सकता है।
यदि आपको किसी साइबर अपराध की जानकारी मिलती है, तो आप तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal पर इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं।
















