
दोस्तों, ये जनवरी का महीना है और उत्तर भारत फिर से ठंड की चपेट में है। पश्चिमी विक्षोभ ने कमर कस ली है, जिससे अगले 48 घंटों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। कश्मीर से दिल्ली तक बर्फबारी, बारिश और तेज हवाओं का कहर छाया हुआ है। बाहर निकलने से पहले अपना कोट-शॉल चेक कर लो, क्योंकि ठंड ने दांत खट्टे कर दिए हैं। चलो, एक-एक करके देखते हैं कि ये तूफान कहां-कहां धमाल मचा रहा है।
Table of Contents
कश्मीर में बर्फ का पहाड़, एयरपोर्ट पर ब्रेक
श्रीनगर और कश्मीर घाटी में तो हालत पतली है। आज 23 जनवरी 2026 को भारी बर्फबारी ने सब कुछ लकवा मार दिया। हवाई अड्डे पर विजिबिलिटी जीरो हो गई, जिससे दर्जनों उड़ानें कैंसल हो गईं। कल्पना करो, सुबह उठे तो आसमान से बर्फ की फुहारें, लेकिन वो फुहारें इतनी भारी कि प्लेन ही उड़ नहीं पा रहे। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे NH-44 बंद पड़ा है। रामसू जैसे इलाकों में सड़कें फिसलन भरी हो गईं, ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया।
प्रशासन ने साफ कह दिया है – एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से बात कर लो। वरना, बर्फ में फंसकर परेशान होना पड़ेगा। ये सीन देखकर लगता है जैसे प्रकृति ने कश्मीर को सफेद चादर ओढ़ा दी हो, लेकिन ये खूबसूरती घातक साबित हो रही है। लोकल लोग घरों में कैद हैं, बिजली-पानी की दिक्कतें बढ़ रही हैं।
दिल्ली-NCR में बारिश का डबका
अब बात दिल्ली-NCR की। यहां IMD ने अलर्ट जारी कर दिया है। अगले दो दिन, यानी 23 और 24 जनवरी को रुक-रुककर बारिश होगी, ऊपर से गरज-चमक के साथ। सुबह-सुबह कोहरा भी घेर लेगा – हल्का से मध्यम वाला, जो ट्रैफिक को जाम कर देगा। तेज हवाएं 20-40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलेंगी, तापमान गिरेगा और ठंड चरम पर पहुंच जाएगी।
कल्पना करो, ऑफिस जाते वक्त अचानक बारिश शुरू, छाता भूल आए तो भीगते हुए भागना पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक कह रहे हैं कि ये सब वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की देन है, जो अरब सागर से आया है। दिल्लीवाले पहले से ही सर्दी से त्रस्त थे, अब ये बारिश ने आग पर तेल डाल दिया। सावधानी बरतो, बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना न भूलना।
पंजाब-हरियाणा से राजस्थान तक बारिश की मार
ये कहर सिर्फ दिल्ली-कश्मीर तक सीमित नहीं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में भी 23 जनवरी तक गरज-बिजली संग बारिश का अनुमान है। खेतों में किसान परेशान, फसलें खराब होने का डर। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में भी बादल उमड़ आए हैं, जो दुर्लभ मंजर है। तेज हवाओं से पेड़ उखड़ने और दुर्घटनाओं की आशंका है।
हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर तो सड़कें गीली होकर खतरनाक बन गई हैं। लोग कह रहे हैं, ‘ये सर्दी ने तो रिकॉर्ड तोड़ दिया।’ वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से नमी बढ़ गई है, जो ठंड को और कड़ाके का बना रही है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का जादू और खतरा
पहाड़ी इलाकों में तो जैसे बर्फ का त्योहार हो गया। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हाईलैंड्स में अगले 24-48 घंटे भारी बर्फबारी और बारिश की चेतावनी है। मनाली, शिमला जैसे टूरिस्ट स्पॉट्स पर मोटी बर्फ की चादर। लेकिन ये जादू घातक भी है – लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड में गढ़वाल-कुमाऊं के रास्ते बंद हो सकते हैं। ट्रैकर्स और लोकल्स अलर्ट पर हैं। प्रकृति का ये रौद्र रूप देखकर डर लगता है, लेकिन साथ ही सुंदरता भी महसूस होती है।
राहत की किरण
अच्छी खबर ये है कि मौसम विभाग का कहना है, 24 जनवरी से मैदानी इलाकों में हालात सुधरने लगेंगे। बारिश रुकेगी, लेकिन ठंड बरकरार रहेगी। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर कम होगा, धूप झांकने लगेगी। तब तक सब्र रखो, घर पर रहो, गर्मागर्म चाय पियो।
















