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एमपी के पेंशनर्स चेक करें अपना अकाउंट! सीएम मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात, जारी किए 327 करोड़ रुपए

एमपी CM मोहन यादव का तोहफा: भोपाल में 'संध्या छाया' ओल्ड एज होम उद्घाटित! 56 बुजुर्गों के लिए AC रूम, पार्क, स्वादिष्ट खाना। साथ ही 54 लाख पेंशनर्स को 327 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से। वृद्धों को परिवार जैसा प्यार, दिव्यांगों को सम्मान। अब बुजुर्ग अकेले नहीं!

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एमपी के पेंशनर्स चेक करें अपना अकाउंट! सीएम मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात, जारी किए 327 करोड़ रुपए

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुजुर्गों के लिए एक ऐसा आश्रम खुला है, जो परिवार जैसा लगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को ‘संध्या छाया’ नाम के इस सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम का उद्घाटन किया। सोचिए, जहां मां-बाप को अकेलापन न सताए, बल्कि प्यार और देखभाल मिले। राज्य सरकार ने वृद्धजनों और दिव्यांगों की सेवा को प्राथमिकता दी है। ये आश्रम न सिर्फ रहने की जगह है, बल्कि जिंदगी को सम्मानजनक बनाने का जरिया बनेगा।

वृद्धों और दिव्यांगों का सम्मान

कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि सरकार वृद्धजनों की सेवा और दिव्यांगों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह कमिटेड है। उन्होंने एक बुजुर्ग दंपति से मिलकर उनका स्वागत किया, जो दिल छू लेने वाला पल था। दिव्यांग कलाकारों की प्रदर्शनी देखी और उनकी तारीफ की। बोले, दिव्यांगों में अद्भुत प्रतिभा होती है, बस मौका चाहिए। ये बातें सुनकर लगता है, सरकार सच में बदलाव ला रही है। भोपाल के पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड पर बने इस आश्रम को सेवा भारती के सहयोग से तैयार किया गया।

पेंशनर्स को 327 करोड़ की बड़ी सौगात

सबसे बड़ा सरप्राइज तो पेंशनर्स के लिए था। सीएम ने सिंगल क्लिक से 54 लाख से ज्यादा हितग्राहियों के खाते में 327 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत ये राशि सीधे पहुंच गई। मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि ये योजना बुजुर्गों की जिंदगी आसान बना रही है। एक क्लिक में इतनी बड़ी राशि – ये तो डिजिटल इंडिया का असली चेहरा है। अब पेंशन लेने के लिए लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।

‘संध्या छाया’ की शानदार सुविधाएं

ये आश्रम PPP मोड पर बना है, यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप। लागत करीब 24 करोड़ रुपये। 34 कमरों में 56 बुजुर्ग रह सकेंगे। उच्च क्वालिटी का खाना, पार्क जैसा ग्रिन एरिया, मेडिकल सुविधाएं – सब कुछ है। प्रमुख सचिव सोनाली वायंगण्कर ने बताया कि ये सशुल्क है, लेकिन किफायती। परिवार जैसा माहौल, जहां शामें सुकून भरी हों। सोचिए, बच्चे बाहर हों तो माता-पिता यहां खुशी से रहें – ये सपना सच हो गया।

राज्यस्तरीय दिव्यांग स्पर्श मेला

उद्घाटन के साथ ही राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला भी शुरू हुआ। प्रदेश भर से कलाकार आए, अपनी कला दिखाई। सीएम ने उनकी प्रदर्शनी का दौरा किया। ये मेला दिव्यांगों को मुख्यधारा से जोड़ेगा। सरकार का मानना है कि उनकी बौद्धिक क्षमता कमाल की है। ऐसे आयोजन से आत्मविश्वास बढ़ेगा, और समाज में नई ऊर्जा आएगी।

भविष्य की योजनाएं

अंत में, ये आश्रम एमपी सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है। वृद्धावस्था में अकेलापन आम है, लेकिन अब समाधान है। भविष्य में ऐसे और केंद्र बनेंगे। सीएम ने साफ कहा – सेवा ही हमारा धर्म। ये न सिर्फ बुजुर्गों को राहत देगा, बल्कि समाज को एकजुट करेगा। क्या खूबसूरत शुरुआत है न!

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