शादी-ब्याह के बाद हाथ में आए लाखों रुपये को बैंक में जमा करने की जल्दबाजी में कई लोग फंस चुके हैं। आयकर विभाग ने हाल ही में देशभर में हजारों अकाउंट होल्डर्स को नोटिस जारी किए हैं, क्योंकि कैश डिपॉजिट की सीमाएं लांघने से काला धन और टैक्स चोरी का शक पैदा हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सेविंग अकाउंट में सालाना 10 लाख रुपये तक नकद जमा करना ही पूरी तरह सुरक्षित है। इससे ज्यादा होने पर बैंक खुद इनकम टैक्स को रिपोर्ट कर देते हैं, जिससे जांच की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

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सालाना जमा की सख्त सीमाएं
आयकर अधिनियम की धारा 114B के तहत बैंक हर साल सेविंग अकाउंट में 10 लाख रुपये से अधिक कैश जमा की पूरी डिटेल टैक्स विभाग को भेजते हैं। अगर आपके पास करेंट अकाउंट है, तो राहत की बात ये है कि वहां 50 लाख रुपये तक सालाना जमा पर रिपोर्टिंग होती है। लेकिन PAN कार्ड से लिंक्ड सभी अकाउंट्स का कुल मिलाकर हिसाब लगता है, यानी एक से ज्यादा बैंक में जमा भी कुल 10 लाख ही सेविंग के लिए सेफ माना जाता है। नया इनकम टैक्स बिल 2025, जो अप्रैल 2026 से पूरी तरह लागू हो चुका है, ने इन नियमों को और सख्त बना दिया है। छोटे बिजनेसमैन या किसान भाई अगर बिना सोचे-समझे कैश जमा करते हैं, तो नोटिस का खतरा बढ़ जाता है।
एकमुश्त जमा पर RBI का नियम
आरबीआई ने एक बार में जमा करने की कोई कठोर सीमा नहीं लगाई है, लिहाजा आप 2 लाख या 5 लाख रुपये भी एक झटके में डाल सकते हैं। समस्या तब आती है जब सिंगल ट्रांजेक्शन 2 लाख रुपये से ऊपर हो जाता है। ऐसे में PAN कार्ड दिखाना अनिवार्य हो जाता है, वरना बैंक ही राशि स्वीकार नहीं करेगा। धारा 269ST के उल्लंघन पर 100 प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है। मिसाल के तौर पर, अगर बिना PAN के 2.5 लाख जमा कर दिए, तो न सिर्फ पेनल्टी होगी, बल्कि अकाउंट पर जांच की नजर पड़ जाएगी। मुंबई, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में पिछले तीन महीनों में 5000 से ज्यादा लोगों को इसी वजह से नोटिस मिल चुके हैं।
नोटिस आने के प्रमुख कारण
अगर आपके ITR में घोषित आय से कहीं ज्यादा कैश बैंक में जमा दिखता है और उसके स्रोत का स्पष्ट प्रमाण नहीं है, तो विभाग तुरंत शक करता है। बिना बिल-रसीद या लोन एग्रीमेंट जैसे प्रूफ के बचना मुश्किल हो जाता है। कई बार अकाउंट फ्रीज तक हो जाता है या कोर्ट की नौबत आ जाती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सलाह देते हैं कि हर कैश ट्रांजेक्शन का कागजी सबूत रखें और डिजिटल तरीकों को प्राथमिकता दें।
बचाव के आसान उपाय
बड़े कैश जमा करने से पहले अपने CA से सलाह लें और ITR में स्रोत पहले से declare कर दें। UPI, IMPS या चेक जैसे डिजिटल पेमेंट अपनाएं, जो पूरी ट्रेल छोड़ते हैं। जीरो बैलेंस BSBDA अकाउंट्स पर भी यही नियम लागू होते हैं। नया 2026 नियम साफ कहता है कि जागरूक रहें, तो नोटिस से आसानी से बच सकते हैं। डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाने के लिए कैश का कम इस्तेमाल करें। सावधानी बरतें, ताकि मेहनत की कमाई पर कोई संकट न आए।
















