
क्या आप जानते हैं कि भारत के 28 राज्यों में सबसे ज्यादा नाम किस अक्षर से शुरू होते हैं? अगर आप सामान्य ज्ञान के शौकीन हैं, तो शायद कुछ सेकंड में जवाब दे दें। लेकिन ज्यादातर लोग हैरान रह जाते हैं जब पता चलता है कि यह अंग्रेजी का ‘M’ अक्षर है। जी हां, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम- ये पांच राज्य ‘M’ से शुरू होकर भारत के नक्शे पर छाए हुए हैं। यह तथ्य सामान्य भूगोल को रोचक बनाता है और प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर क्विज शो तक चर्चा का विषय बना रहता है।
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‘M’ से शुरू होने वाले पांच राज्यों की पहचान
यह जानकारी हाल ही में टाइम्स नाउ हिंदी की एक रिपोर्ट में सामने आई, जहां बताया गया कि भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। अंग्रेजी नामों के आधार पर जब हम गिनती करते हैं, तो ‘M’ सबसे आगे आ जाता है। मध्य प्रदेश को ‘हृदय प्रदेश’ कहा जाता है, जिसकी राजधानी भोपाल है और यहां खजुराहो के मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क जैसी धरोहरें हैं। महाराष्ट्र आर्थिक राजधानी मुंबई का घर है, जहां बॉलीवुड की चमक और अजंता-एलोरा गुफाएं पर्यटकों को लुभाती हैं।
फिर पूर्वोत्तर के ये तीन ‘ज्वेल्स’- मणिपुर, मेघालय और मिजोरम। मणिपुर की लोकटक झील दुनिया की एकमात्र तैरती झील है, इंफाल राजधानी होने के साथ रास लीला नृत्य के लिए प्रसिद्ध। मेघालय, जो ‘मेघों का निवास’ कहलाता है, शिलांग की पहाड़ियों और चेरापूंजी की भारी बारिश के लिए जाना जाता है। मिजोरम के नीले पहाड़ और आइजोल की शांत वादियां आदिवासी संस्कृति का जीवंत चित्र पेश करती हैं।
पूर्वोत्तर के ‘सेवन सिस्टर्स’ का खास कनेक्शन
इन पांच राज्यों में खास बात यह है कि तीन- मणिपुर, मेघालय, मिजोरम- ‘सेवन सिस्टर्स’ का हिस्सा हैं। सेवन सिस्टर्स पूर्वोत्तर के सात राज्य हैं: अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा। ये अपनी विविध आदिवासी संस्कृतियों, बोलियों, वेशभूषा और भूगोल के कारण अनोखे हैं। इनकी सीमाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं, जो इन्हें एक परिवार जैसा बनाती हैं। मेघालय के जीवंत जड़ पुल प्रकृति का चमत्कार हैं, जबकि मिजोरम के बांस के जंगल जैव विविधता के खजाने हैं। यह संयोग ही है कि ‘M’ इन विविधताओं को एक सूत्र में बांधता है।
अन्य अक्षरों से जुड़े राज्य
अन्य अक्षरों की बात करें तो ‘A’ और ‘T’ से तीन-तीन राज्य शुरू होते हैं। ‘A’ से आंध्र प्रदेश (अमरावती), अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर) और असम (दिसपुर)। आंध्र का तटीय सौंदर्य, अरुणाचल की ऊंची चोटियां और असम की चाय बागान विश्व प्रसिद्ध हैं। वहीं ‘T’ से तमिलनाडु (चेन्नई), तेलंगाना (हैदराबाद) और त्रिपुरा (अगरतला)। दक्षिण का सांस्कृतिक गढ़ तमिलनाडु, तकनीकी हब तेलंगाना और पूर्वोत्तर का त्रिपुरा- ये भी अपनी-अपनी पहचान रखते हैं। बाकी अक्षरों जैसे ‘U’ से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड या ‘B’ से बिहार, छत्तीसगढ़ एक-दो ही राज्य देते हैं।
इस ट्रिविया का महत्व
यह ट्रिविया क्यों महत्वपूर्ण है? आजकल प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC में ऐसे सवाल IQ टेस्ट का हिस्सा बनते हैं। स्कूल स्तर पर बच्चे भूगोल सीखते हुए ऐसे फैक्ट्स से जुड़ाव महसूस करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट इसे और लोकप्रिय बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नामों का यह वितरण ऐतिहासिक और भाषाई कारणों से हुआ- मध्य और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में ब्रिटिश काल से ‘M’ आधारित नाम प्रचलित रहे।
















