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यूपी की इन 3 यूनिवर्सिटीज ने देश को दिए सबसे ज्यादा IAS, जानें टॉप कॉलेजों के नाम

यूपीएससी की कठिन परीक्षा में उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, BHU और लखनऊ यूनिवर्सिटी सबसे आगे हैं। इन्हें UPSC का गढ़ कहा जाता है। सैकड़ों IAS-IPS निकले, जहां स्टडी ग्रुप्स और कोचिंग का बोलबाला है। टॉपर्स जैसे शक्ति दूबे व आदित्य श्रीवास्तव ने शान बढ़ाई। यूपी एस्पिरेंट्स के लिए बेस्ट चॉइस।

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यूपी की इन 3 यूनिवर्सिटीज ने देश को दिए सबसे ज्यादा IAS, जानें टॉप कॉलेजों के नाम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार है। हर साल लाखों अभ्यर्थी अपने सपनों को साकार करने के लिए किताबों में डूब जाते हैं, लेकिन सफलता महज चुनिंडा लोगों को ही मिलती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की तीन यूनिवर्सिटीज का नाम खासा सुर्खियों में है – इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) और लखनऊ यूनिवर्सिटी। इन्हें UPSC का गढ़ कहा जाता है, जहां से सैकड़ों IAS-IPS अधिकारी निकल चुके हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी और JNU राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हैं, लेकिन यूपी में ये संस्थान अपना अलग दबदबा रखते हैं।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी: UPSC की सबसे बड़ी फैक्ट्री

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (प्रयागराज) को UPSC फैक्ट्री का दर्जा प्राप्त है। यहां ग्रेजुएशन से लेकर मास्टर्स तक के छात्रों में ज्यादातर यूपीएससी की तैयारी में जुटे रहते हैं। कैंपस में स्टडी ग्रुप्स, कोचिंग सेंटर और डिबेट क्लब्स का बोलबाला है। अब तक सैकड़ों छात्रों ने यहां से UPSC क्रैक किया है। 2024 में टॉपर शक्ति दूबे ने बायोकेमिस्ट्री में गोल्ड मेडल हासिल किया था।

यूपीपीएससी में भी इसका जलवा देखने को मिला – 2023 में करीब 50 छात्रों ने परीक्षा पास कर इतिहास रचा। सामाजिक विज्ञान और इतिहास जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ के कारण यह यूपीएससी सिलेबस से सीधे जुड़ता है। शहर का सिटी एक्सपोजर और अलुमनाई नेटवर्क छात्रों को अतिरिक्त प्रेरणा देता है।

BHU: यूपीएससी का ट्रेडिशनल हब

BHU (वाराणसी) भी पीछे नहीं है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय को UPSC का हब माना जाता है। यहां से भी बड़ी संख्या में अधिकारी निकले हैं, खासकर सामाजिक विज्ञान और राजनीति शास्त्र के छात्र। विशाल कैंपस, ट्रेडिशनल स्टूडेंट लाइफ और विविध कोर्सेस इसे खास बनाते हैं। NIRF रैंकिंग में यह टॉप संस्थानों में शुमार है। 2023 के UPSC टॉपर आदित्य श्रीवास्तव जैसे नामों ने इसकी शान बढ़ाई। BHU का फोकस ह्यूमैनिटीज पर इतना गहरा है कि छात्र स्वाभाविक रूप से सिविल सर्विसेज की ओर आकर्षित होते हैं। कैंपस में आयोजित सेमिनार और गेस्ट लेक्चर्स UPSC की तैयारी को बूस्ट देते हैं।

लखनऊ यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थान

लखनऊ यूनिवर्सिटी राज्य की राजधानी होने का फायदा उठाती है। राजनीति विज्ञान और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन कोर्सेस यहां UPSC के लिए सबसे लोकप्रिय हैं। शहर की राजनीतिक हलचल छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज देती है। IIT कानपुर भी यूपी में UPSC के लिए चर्चित है, जहां से आदित्य श्रीवास्तव ने 2023 में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल की। हालांकि मुख्य तीनों यूनिवर्सिटीज पर फोकस रहता है। इनकी सफलता का राज मजबूत अकादमिक वातावरण, किफायती फीस (लगभग 4-5 हजार सालाना) और यूपी का बड़ा UPSC कोटा (सालाना 100+ सीटें) है।

सफलता के आंकड़े और प्रेरणा

पिछले दशक में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से 600+, BHU से 400+ और लखनऊ से 300+ IAS-IPS निकले अनुमानित हैं। ये आंकड़े रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, हालांकि आधिकारिक UPSC डेटा में DU-JNU आगे हैं। फिर भी यूपी के ये गढ़ अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। UPSC एस्पिरेंट्स के लिए ये यूनिवर्सिटीज न सिर्फ पढ़ाई का केंद्र हैं, बल्कि सपनों को पंख देने वाला माहौल भी। अगर आप सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं, तो इनका रास्ता अपनाएं – सफलता निश्चित है।

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info@dietjjr.in

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