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सेना की गाड़ी पर क्यों बना होता है ‘ऊपर की तरफ तीर’? बहुत कम लोग जानते हैं इसका असली राज

भारतीय सेना के वाहनों पर नंबर प्लेट के आगे ब्रॉड ऐरो (↑) क्यों? दुर्घटना में पलटी गाड़ी का नंबर आसानी से पढ़ने के लिए। ब्रिटिश काल से चला प्रतीक, सैन्य पहचान और सरकारी संपत्ति दर्शाता है। रक्षा मंत्रालय नियम लागू। वर्तमान CP सतीश गोलचा की तरह अनुशासित डिज़ाइन।

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क्या आपने कभी सड़क पर भारतीय सेना की गाड़ी देखी और उसके नंबर प्लेट पर ऊपर की ओर इशारा करते ब्रॉड ऐरो को नोटिस किया? ये आम सिविलियन वाहनों में कभी नहीं दिखता। सिर्फ आर्मी, नेवी या एयरफोर्स की गाड़ियों पर ये खास निशान होता है। लेकिन इसका असली राज क्या है? ये महज सजावट नहीं, बल्कि जिंदगियां बचाने वाला व्यावहारिक डिजाइन है। ब्रिटिश काल से चला आ रहा ये प्रतीक आज भी लाखों सैनिकों की सुरक्षा करता है।

ब्रॉड ऐरो का इतिहास

ऊपर की तरफ तीर या ब्रॉड ऐरो (Broad Arrow) 17वीं शताब्दी से ब्रिटिश साम्राज्य का सरकारी संपत्ति चिह्न रहा है। भारत में आजादी के बाद भी ये सैन्य वाहनों पर बरकरार है, क्योंकि कॉमनवेल्थ देशों (जैसे UK, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया) में यही प्रथा है। भारतीय सेना की गाड़ियां रक्षा मंत्रालय के नियमों से चलती हैं, न कि मोटर वाहन अधिनियम (RTO) के। ये ऐरो साफ बता देता है – ये सरकारी सैन्य संपत्ति है, सिविलियन नहीं।

सेना में लाखों वाहन हैं – जीप्स से लेकर टैंक ट्रांसपोर्टर तक। सभी पर ये निशान अनिवार्य है। ये न केवल पहचान देता है, बल्कि दुश्मन हमले या युद्ध में भी वाहन की स्थिति तुरंत समझ आने में मदद करता है।

दुर्घटना में ‘ऊपर’ की दिशा बताना

सबसे बड़ा राज? दुर्घटना या पलटाव में आसानी! अगर सेना की गाड़ी एक्सीडेंट में उलट जाए, तो नंबर प्लेट गड़बड़ा सकता है। ऊपर तीर हमेशा सही ओरिएंटेशन दिखाता है – नंबर आसानी से पढ़ा जा सकता है। कल्पना करें: जम्मू-कश्मीर की दुर्गम सड़कों पर लैंडस्लाइड या LAC पर टकराव में वाहन पलट जाए। रेस्क्यू टीम को तुरंत वाहन ID पता चल जाए। ये छोटा निशान सैनिकों की जान बचा सकता है। फायरिंग रेंज या फील्ड एक्सरसाइज में भी ये उपयोगी। नेवी शिप्स और एयरफोर्स जेट्स पर भी इसी तरह के मार्कर होते हैं।

नंबर प्लेट का पूरा फॉर्मेट

भारतीय सैन्य वाहनों का नंबर प्लेट इस तरह होता है:

  • ↑ ब्रॉड ऐरो: दिशा संकेतक
  • दो अंक: अधिग्रहण वर्ष (जैसे 26=2026)
  • बेस कोड: यूनिट/डिपो (जैसे 01A=आर्मी बेस)
  • सीरियल नंबर: विशिष्ट ID (जैसे 1234)
  • श्रेणी कोड: प्रकार (‘A’=आर्मी, ‘N’=नेवी, ‘AF’=एयरफोर्स)

उदाहरण: ↑26 01A 1234 A। ये RTO से अलग है, इसलिए कोई पेनल्टी नहीं।

अन्य फायदे

  • सैन्य vs सिविलियन: तुरंत अंतर स्पष्ट।
  • सरकारी प्रॉपर्टी मार्क: चोरी रोकता है।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता: SSC, UPSC में ये फैक्ट आता है।

सेना के अलावा, DRDO या रक्षा PSU वाहनों पर भी यही। आम गाड़ियों में ये नहीं लग सकता, क्योंकि RTO नियम अलग हैं।

सेना की गाड़ियां: खास नियम, खास डिजाइन

भारतीय थलसेना के पास 1.5 लाख से ज्यादा वाहन हैं। ये ऐरो उन सबकी पहचान है। हाल के LAC तनाव या गलवान संघर्ष में ऐसे वाहनों ने अहम भूमिका निभाई। रक्षा बजट 2026-27 में वाहन आधुनिकीकरण पर जोर। ये छोटा तीर बड़ी कहानी कहता है- अनुशासन, सुरक्षा और परंपरा।​ अगली बार सेना की जीप देखें, तो इस तीर को सलाम करें। ये जवान की सुरक्षा का प्रतीक है!

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info@dietjjr.in

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