
भारत ने वैश्विक मंच पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है, हाल ही में जारी रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स (RNI) 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 154 देशों की सूची में 16वां स्थान प्राप्त किया है, इस नई रैंकिंग में भारत ने अमेरिका, चीन और जापान जैसी बड़ी वैश्विक शक्तियों को भी पीछे छोड़ दिया है।
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महाशक्तियों को पछाड़ भारत की ऊंची छलांग
वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) द्वारा जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 0.5515 का स्कोर हासिल कर दुनिया के शीर्ष जिम्मेदार देशों में जगह बनाई है। वहीं, विकसित देशों की बात करें तो अमेरिका 66वें और चीन 68वें स्थान पर पिछड़ गए हैं, यह सूचकांक देशों को उनकी आर्थिक या सैन्य शक्ति के आधार पर नहीं, बल्कि नागरिकों के प्रति जवाबदेही, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक सहयोग के आधार पर आंकता है।
सिंगापुर बना नंबर-1, टॉप-10 में यूरोपीय देशों का जलवा
सिंगापुर ने 0.6194 के स्कोर के साथ दुनिया के सबसे जिम्मेदार देश के रूप में शीर्ष स्थान हासिल किया है, टॉप-10 देशों की सूची इस प्रकार है:
- सिंगापुर (स्कोर: 0.6194)
- स्विट्जरलैंड (स्कोर: 0.5869)
- डेनमार्क (स्कोर: 0.5837)
- साइप्रस
- स्वीडन
- चेकिया (Czechia)
- बेल्जियम
- ऑस्ट्रिया
- आयरलैंड
- जॉर्जिया
क्यों मिली भारत को इतनी बेहतर रैंकिंग?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की इस सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक रहे हैं:
- हेल्थकेयर और सामाजिक समानता: सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का विस्तार।
- डिजिटल गवर्नेंस: लोगों तक सेवाओं को आसानी से पहुँचाने के लिए तकनीकी सुधार।
- पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता: अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में भारत के ठोस कदम।
- एथिकल गवर्नेंस: नैतिक शासन और समावेशी विकास पर जोर।
यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि किसी देश की सफलता केवल उसकी जीडीपी (GDP) से नहीं, बल्कि इस बात से आंकी जानी चाहिए कि वह अपने संसाधनों का उपयोग नागरिकों और पर्यावरण के प्रति कितनी जिम्मेदारी से करता है।
















