
खेती-किसानी को आधुनिक और सुलभ बनाने के उद्देश्य से सरकार ने किसानों के लिए पिटारा खोल दिया है, अब किसान अपनी पसंद का नया ट्रैक्टर आधे दाम पर घर ला सकते हैं, सरकार की ‘ट्रैक्टर सब्सिडी योजना’ के तहत किसानों को 50 प्रतिशत तक की सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
Table of Contents
किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
सरकार ने इस योजना के लिए कुछ मानक तय किए हैं। इसका प्राथमिक लाभ लघु और सीमांत किसानों को दिया जाएगा, विशेष रूप से महिला किसानों और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) वर्ग के आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जबकि सामान्य वर्ग के किसानों के लिए यह सीमा 40% तक तय की गई है, योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने पिछले 7 वर्षों में ट्रैक्टर पर किसी अन्य सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं लिया है।
जरूरी दस्तावेज: आवेदन से पहले कर लें तैयार
योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य हैं:
- आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए)
- भूमि विवरण (खसरा-खतौनी की नकल)
- बैंक पासबुक (डीबीटी के लिए आधार लिंक अनिवार्य)
- पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्ग के लिए)
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
इच्छुक किसान अपने नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर या स्वयं आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- सबसे पहले भारत सरकार के Agri-Machinery (SMAM) Portal पर विजिट करें।
- होमपेज पर ‘Farmer’ सेक्शन में जाकर अपना पंजीकरण करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें और ओटीपी के जरिए सत्यापन करें। इसके बाद अपनी जमीन और बैंक खाते की सटीक जानकारी साझा करें।
- मांगे गए सभी दस्तावेजों को स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करें।
- आवेदन फॉर्म को फाइनल सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए एप्लीकेशन नंबर संभाल कर रखें।
यह भी देखें: GDS Recruitment: 10वीं पास के लिए पोस्ट ऑफिस में 30,000+ पदों पर बंपर भर्ती! बिना परीक्षा सीधी नौकरी पाने का मौका।
सीधे खाते में आएगा पैसा
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, चयनित किसानों को ट्रैक्टर की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से भेज दी जाएगी, उत्तर प्रदेश के किसान अधिक जानकारी के लिए UP Agriculture Department और मध्य प्रदेश के किसान dbt.mpdage.org पर नजर रख सकते हैं।
















