
दोस्तों, सोचिए जरा, अगर आपका बच्चा स्कूल जा रहा हो और किताबें, यूनिफॉर्म या फीस की टेंशन न हो, तो पढ़ाई कितनी मजेदार हो जाएगी न? खासकर उन घरों के लिए जहां पैसे की किल्लत रहती है। बिहार सरकार ने ठीक यही सोचकर एक बड़ा कदम उठाया है। अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों को स्कॉलरशिप की राशि बढ़ा दी गई है।
ये फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली कैबिनेट बैठक में लिया गया। कुल 519 करोड़ 64 लाख रुपये का बजट पास करके सरकार ने साबित कर दिया कि बच्चों की तालीम पर कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। ये बदलाव कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों के लिए है, जो गरीब परिवारों से आते हैं। वाकई, ये स्टेप बच्चों के सपनों को पंख देगा!
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कितनी बढ़ी छात्रवृत्ति, देखिए डिटेल्स
अब असली बात पर आते हैं – रकम कितनी बढ़ी? पहले जहां छोटे क्लास वाले बच्चों को कम मिलता था, अब सबके लिए दोगुनी-तिगुनी खुशी। कक्षा 1 से 4 तक के बच्चों को अब सालाना 1200 रुपये मिलेंगे। कक्षा 5 से 6 तक वालों के लिए ये 2400 रुपये हो गई। और कक्षा 7 से 10 तक के बड़े बच्चों को चक्कर न लगे, उनके लिए 3600 रुपये तय किए गए। अगर बच्चा हॉस्टल में रहता है, तो क्लास 1 से 10 तक के सभी को 6000 रुपये सालाना मिलेंगे। भाई, ये तो कमाल है!
पहले की तुलना में ये राशि काफी ज्यादा है, जिससे किताबें, स्टेशनरी और छोटे-मोटे खर्च आसानी से निकल जाएंगे। ऐसे में बच्चे बिना किसी दबाव के मन लगाकर पढ़ सकेंगे। सरकार का ये फैसला उन लाखों परिवारों को राहत देगा, जो पढ़ाई के नाम पर कर्ज के जाल में फंस जाते थे।
बैठक के बाकी बड़े फैसले जो दिल जीत लें
कैबिनेट की उस बैठक में कुल 31 प्रस्ताव पास हुए, जिनमें स्कॉलरशिप के अलावा कई और कमाल के फैसले हैं। सबसे पहले बात उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के नाम पर बक्सर के डुमरांव में बन रहे संगीत महाविद्यालय की। पहले 14 करोड़ 52 लाख का बजट था, अब बढ़ाकर 87 करोड़ 81 लाख कर दिया। कलाकारों के लिए ये तो सपना साकार होने जैसा है! इसके साथ ही, नवगठित उच्च शिक्षा विभाग में ‘सात निश्चय तीन’ के तहत 161 नए पद बनाए गए। युवाओं को नौकरी के मौके बढ़ेंगे।
फिर, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 17,000 पदों पर रिटायर्ड आर्मी जवान और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के रिटायर्ड जवानों को स्पेशल ऑक्सिलियरी पुलिस (SAP) के रूप में कॉन्ट्रैक्ट पर रखने का ऐलान। सुरक्षा मजबूत होगी, और इन बहादुरों को सम्मान मिलेगा। पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में टॉय ट्रेन फिर दौड़ेगी! इसके लिए 5 करोड़ 81 लाख 73 हजार रुपये पास। परिवार संग घूमने वालों के लिए खुशखबरी।
चीनी मिलों की बात करें तो ‘सात निश्चय तीन’ के तहत इनकी संभावनाओं का स्टडी कराने के लिए राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ को काम सौंपा गया। डीपीआर तैयार होगा, रोजगार बढ़ेगा। और हां, नए ‘सिविल एविएशन विभाग’ में 99 पद बनेंगे, साथ ही 176 पुराने पद ट्रांसफर होंगे। हवाई यात्रा और ट्रेनिंग को बूस्ट मिलेगा।
आगे की राह: बिहार का सुनहरा भविष्य
ये सारे फैसले बताते हैं कि बिहार सरकार शिक्षा, संस्कृति, सुरक्षा और विकास पर फोकस कर रही है। गरीब बच्चों की स्कॉलरशिप से लेकर आर्टिस्ट्स के कॉलेज तक, हर कदम सोच-समझकर उठाया गया। अब जरूरत है कि ये योजनाएं ग्राउंड लेवल तक पहुंचें, ताकि हर बच्चा, हर परिवार फायदा उठा सके। अगर आप बिहार के हैं, तो अपने बच्चों या रिश्तेदारों को इस स्कीम के बारे में बताइए। आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। बिहार बदल रहा है, दोस्तों – बेहतर शिक्षा और बेहतर कल के लिए!
















