
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देश भर के टैक्सपेयर्स की नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं, 1 फरवरी 2026 (रविवार) को वित्त मंत्री अपना लगातार 9वां बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी, सूत्रों और विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार का बजट मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग के लिए बड़ी राहत की सौगात ला सकता है, जिसमें सबसे प्रमुख चर्चा इनकम टैक्स के सेक्शन 80C की लिमिट को लेकर है।
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80C की लिमिट में 10 साल बाद हो सकता है बदलाव
टैक्स विशेषज्ञों और प्रमुख संस्थाओं (जैसे AMCHAM) ने सरकार को सुझाव दिया है कि पुरानी टैक्स रिजीम के तहत सेक्शन 80C की निवेश सीमा को वर्तमान ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹2.5 लाख किया जाए, गौर करने वाली बात यह है कि इस लिमिट में साल 2014 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है, यदि सरकार इस सिफारिश को स्वीकार करती है, तो टैक्सपेयर्स को PPF, LIC, ELSS और बच्चों की ट्यूशन फीस जैसे निवेशों पर ₹1 लाख की अतिरिक्त छूट का लाभ मिल सकेगा।
पिछले बजट में मिली थी ₹12 लाख तक की छूट
वित्त मंत्री ने अपने पिछले बजट (2025) में नई टैक्स रिजीम को अपनाने वालों को बड़ा तोहफा देते हुए ₹12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स-फ्री कर दिया था, स्टैंडर्ड डिडक्शन के ₹75,000 को जोड़कर यह प्रभावी सीमा ₹12.75 लाख तक पहुंच गई थी, इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस लिमिट को बढ़ाकर ₹15 लाख तक कर सकती है ताकि मध्यम वर्ग के हाथ में खर्च के लिए अधिक पैसा बचे।
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स्टैंडर्ड डिडक्शन और 80D पर भी नजर
बजट 2026 में केवल 80C ही नहीं, बल्कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख किए जाने की प्रबल संभावना है, इसके अलावा, बढ़ती चिकित्सा लागतों को देखते हुए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (Section 80D) पर मिलने वाली छूट का दायरा भी बढ़ाने की मांग की जा रही है।
ऐतिहासिक होगा 1 फरवरी का दिन
इस बार का बजट इसलिए भी खास है क्योंकि 2017 के बाद पहली बार केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जा रहा है, सरकार की इस पहल का उद्देश्य निवेशकों को रियल-टाइम में प्रतिक्रिया देने का मौ
















