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WhatsApp का नया सुरक्षा कवच: ‘Strict Account Setting’ क्या है और यह आपको हैकर्स से कैसे बचाएगा?

व्हाट्सएप का नया 'स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स' फीचर आ गया! अनजान नंबर्स से मीडिया ब्लॉक, लिंक प्रीव्यू बंद, कॉल्स साइलेंट। जर्नलिस्ट्स और एक्टिविस्ट्स के लिए परफेक्ट। ऐपल का लॉकडाउन मोड और गूगल का एडवांस्ड प्रोटेक्शन जैसा। सिक्योरिटी बढ़ाओ, स्कैम्स भगाओ – वन-क्लिक में!

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whatsapp strict account setting feature security update

आजकल स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन साथ ही हैकर्स और साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में व्हाट्सएप ने एक धांसू फीचर लॉन्च कर दिया है – ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’। ये एक सिंपल वन-क्लिक ऑप्शन है, जो आपके अकाउंट पर एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर्स चढ़ा देता है। मंगलवार से ये रोलआउट शुरू हो चुका है, और ये खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो ज्यादा रिस्क में रहते हैं, जैसे जर्नलिस्ट्स, एक्टिविस्ट्स या पब्लिक फिगर। सोचिए, आपकी चैट पहले से ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है, लेकिन ये नया मोड उसे और मजबूत बना देता है।

क्या करता है ये स्ट्रिक्ट मोड?

ये फीचर ऑन करते ही अनजान नंबर्स से आने वाली मीडिया फाइल्स, जैसे फोटो, वीडियो या अटैचमेंट्स, अपने आप ब्लॉक हो जाती हैं। अक्सर हैकर्स इसी रास्ते से मैलवेयर भेजते हैं, जो फोन को कंट्रोल कर लेता है। दूसरा, चैट में कोई लिंक शेयर करो तो उसका प्रीव्यू (थंबनेल) नहीं दिखेगा – ये फिशिंग अटैक्स को रोकने का कमाल तरीका है।

तीसरा, अनजान कॉन्टैक्ट्स से आने वाली कॉल्स साइलेंट मोड में चली जाती हैं, यानी फोन वाइब्रेट या रिंग नहीं करेगा। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यही तीनों रास्ते सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं सर्विलांस और एडवांस्ड हैकिंग के लिए। बस इतना सा चेंज करके आपका फोन किले जैसा हो जाता है!

क्यों जरूरी है ये हाई-रिस्क यूजर्स के लिए?

सभी की चैट सुरक्षित है, लेकिन कुछ लोग तो टारगेटेड अटैक्स के शिकार होते हैं। मान लीजिए आप एक्टिविस्ट हैं और सरकार या हैकर्स आप पर नजर रख रहे हैं। ऐसे में सामान्य सेटिंग्स काफी नहीं। व्हाट्सएप ने अपने ब्लॉग पर साफ कहा कि ये फीचर खासतौर पर पत्रकारों, एक्टिविस्ट्स और हाई-प्रोफाइल यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अमेरिका जैसी जगहों पर टेक कंपनियां पहले से ही यूजर्स को सख्त ऑप्शन्स दे रही हैं, और व्हाट्सएप का ये स्टेप उसी दिशा में बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ आपकी प्राइवेसी बचेगी, बल्कि फोन की स्पीड भी बेहतर रहेगी क्योंकि अनवांटेड स्टफ ब्लॉक हो जाएगा।

दूसरे प्लेयर्स का स्ट्रिक्ट मोड गेम

व्हाट्सएप अकेला नहीं है। 2022 में ऐपल ने आईफोन और मैकओएस के लिए ‘लॉकडाउन मोड’ लॉन्च किया था। इसमें मैसेज अटैचमेंट्स, लिंक प्रीव्यू, फेसटाइम कॉल्स और यहां तक कि वेब ब्राउजिंग तक सीमित कर दी जाती है। मतलब, सब कुछ लॉक – बस जरूरी चीजें चलें। पिछले साल गूगल ने एंड्रॉयड पर ‘एडवांस्ड प्रोटेक्शन मोड’ पेश किया, जिसमें प्ले स्टोर के बाहर ऐप्स डाउनलोड करने पर सख्त रोक लग जाती है।

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर जॉन स्कॉट-रेलटन जैसे एक्सपर्ट्स इसे सराह रहे हैं। उनका मानना है कि व्हाट्सएप का ये फीचर असंतुष्टों और एक्टिविस्ट्स को मजबूत ढाल देगा, और बाकी कंपनियों पर भी प्रेशर बनेगा कि सिक्योरिटी को सीरियसली लें।

कैसे ऑन करें और क्या ध्यान रखें?

सेटिंग्स में जाकर ‘अकाउंट’ सेक्शन में ये ऑप्शन मिलेगा। बस एक क्लिक से एक्टिवेट! लेकिन याद रखें, ये मोड ऑन करने से कुछ फीचर्स सीमित हो जाएंगे – जैसे अनजान नंबर्स से कॉल या मीडिया। अगर आप रेगुलर यूजर हैं, तो जरूरत न हो तो मत ऑन करें। वैसे, ये रोलआउट ग्रेजुअल है, तो चेक करते रहें। भारत जैसे देश में, जहां व्हाट्सएप 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का फेवरेट है, ये फीचर फेक न्यूज और स्कैम्स रोकने में गेम-चेंजर साबित होगा।

कुल मिलाकर, व्हाट्सएप ने साबित कर दिया कि सिक्योरिटी और यूजर चॉइस का बैलेंस कैसे रखा जाता है। अगर आप हाई-रिस्क में हैं, तो आज ही ट्राई करें। ये छोटा सा स्टेप आपकी डिजिटल लाइफ को सुरक्षित बना सकता है। सिक्योरिटी पहले, बाकी बाद में!

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info@dietjjr.in

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