
देश में जमीन-जायदाद के कामों के लिए अब आम आदमी को सरकारी दफ्तरों और पटवारियों के चक्कर नहीं काटने होंगे, केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) ने ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ों को आपकी उंगलियों पर ला खड़ा किया है, अब आप अपने स्मार्टफ़ोन के जरिए ही जमाबंदी (Jamabandi) देख सकते हैं और नामांतरण (Mutation) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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राज्यों ने लॉन्च किए अपने ‘डिजिटल पटवारी’ ऐप्स
देश के लगभग हर राज्य ने अपने रिकॉर्ड्स को ऑनलाइन कर दिया है, प्रमुख राज्यों के आधिकारिक ऐप्स और पोर्टल इस प्रकार हैं:
- राजस्थान: Apna Khata (E-Dharti) ऐप के माध्यम से किसान अपनी जमाबंदी की नकल और नामांतरण की स्थिति जान सकते हैं।
- उत्तर प्रदेश: Bhulekh UP पोर्टल पर खसरा-खतौनी की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध हैं।
- बिहार: Bihar Bhumi पोर्टल पर ‘जमाबंदी रजिस्टर’ देखने की सुविधा दी गई है।
- मध्य प्रदेश: ‘MP Bhulekh’ के ज़रिए खसरा और नक्शा घर बैठे प्राप्त किया जा सकता है।
मोबाइल से नामांतरण (Mutation) की पूरी प्रक्रिया
ज़मीन खरीदने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उसका नामांतरण कराना होता है, अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है:
- संबंधित राज्य के राजस्व विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना यूजर अकाउंट बनाएं।
- ‘Apply for Mutation’ विकल्प पर क्लिक करें और अपनी संपत्ति का खसरा/सर्वे नंबर, विक्रेता और खरीदार का विवरण भरें।
- रजिस्ट्री की कॉपी (Sale Deed) और पहचान पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज़ स्कैन कर अपलोड करें।
- सरकारी शुल्क का भुगतान ऑनलाइन गेटवे के माध्यम से करें, आवेदन जमा होने के बाद आपको एक एकनॉलेजमेंट नंबर मिलेगा, जिससे आप अपने आवेदन का स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे।
जमाबंदी डाउनलोड करना हुआ आसान
जमाबंदी (Records of Rights) निकालने के लिए अब घंटों लाइन में लगने की जरुरत नहीं है, बस अपने राज्य के ऐप में ‘View Land Record’ पर जाएं, अपने जिले, तहसील और गांव का चयन करें और नाम या खसरा नंबर डालकर डिजिटल हस्ताक्षरित नकल डाउनलोड कर लें, यह कॉपी बैंकों से लोन लेने और अन्य कानूनी कार्यों में पूरी तरह मान्य है।
डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल सरकारी डोमेन (.gov.in) वाली वेबसाइटों या आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड किए गए ऐप्स का ही प्रयोग करें।
















