
प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड (B.Ed.) पास शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है, शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब 6 महीने का विशेष ‘ब्रिज कोर्स’ करना अनिवार्य कर दिया गया है, विभाग के इस सख्त रुख से साफ है कि जो शिक्षक इस कोर्स को पूरा नहीं करेंगे, उनकी नौकरी पर तलवार लटक सकती है।
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क्यों जरूरी हुआ यह ब्रिज कोर्स?
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों और प्राथमिक शिक्षा के मानकों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, दरअसल, कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए डीएलएड (D.El.Ed.) को ही प्राथमिक योग्यता माना गया है, ऐसे में जो शिक्षक बीएड डिग्री के आधार पर प्राइमरी स्कूलों में नियुक्त हुए थे, उन्हें प्राथमिक शिक्षा के विशेष तौर-तरीकों में दक्ष करने के लिए यह 6 महीने का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य है।
एससीईआरटी (SCERT) को मिली जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने इस विशेष प्रशिक्षण के संचालन का जिम्मा राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) को सौंपा है, विभाग ने निर्देश दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी संबंधित शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू किया जाए।
नौकरी बचाने का आखिरी मौका!
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश उन शिक्षकों के लिए राहत और चेतावनी दोनों है जिनकी नियुक्तियां पहले हो चुकी थीं, यह कोर्स उनकी सेवा को कानूनी रूप से वैध बनाएगा, यदि शिक्षक तय अवधि में इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा नहीं करते हैं, तो उनकी नियुक्ति को अवैध मानते हुए सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षक क्या करें?
- संबंधित शिक्षक विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन का अध्ययन करें।
- कोर्स के पंजीकरण और समय-सारणी के लिए बिहार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर नजर रखें।
- प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी के लिए SCERT बिहार के पोर्टल पर लॉगइन करें।
शिक्षा विभाग के इस ‘फरमान’ के बाद शिक्षक संघों में हलचल तेज हो गई है, वहीं विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कानूनी मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
















