भारत में छोटे-मोटे कारोबार ही असली रीढ़ हैं। ये गांवों से शहरों तक लाखों परिवारों को रोटी देते हैं। लेकिन पैसों की तंगी और जमानत की मजबूरी अक्सर सपनों पर भारी पड़ जाती है। अच्छी बात ये है कि सरकार ने कई आसान रास्ते खोल दिए हैं। इन योजनाओं से बिना झंझट कर्ज मिल जाता है और बिजनेस नई ऊंचाइयों को छू लेता है।

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मुद्रा का जादू
सपने छोटे हैं तो मुद्रा योजना सबसे सही साथी है। ये गैर-कृषि छोटे कामों के लिए बनी है। दस लाख तक का कर्ज तीन हिस्सों में मिलता है। शिशु में पचास हजार तक, किशोर में पांच लाख तक और तरुण में दस लाख। बैंक हो या छोटी फाइनेंस कंपनी, कहीं से भी ले लो। कोई जमानत नहीं मांगते। लाखों लोग इससे दुकानें खोले, ठेले चलाए।
रोजगार की गारंटी
पीएमईजीपी नाम की योजना युवाओं को नौकरी छोड़कर मालिक बनने का मौका देती है। खुद का कारोबार शुरू करो। फैक्ट्री के लिए पच्चीस लाख तक और सर्विस के लिए दस लाख। सब्सिडी भी खूब मिलती है। ग्रामीण इलाके में रहते हो तो पन्द्रह से तैंतीस फीसद तक छूट। महिलाओं और पिछड़े वर्ग को ज्यादा फायदा। ट्रेनिंग भी फ्री मिल जाती है।
गारंटी की छतरी
जमानत की चिंता भूल जाओ। सीजीटीएमएसई योजना छोटे कारोबार को ढाल बनाकर खड़ा करती है। दो करोड़ तक का लोन बिना गारंटी। छोटे कर्ज पर पचासी फीसद कवर। बैंक को नुकसान का डर नहीं, इसलिए लोन आसानी से पास हो जाता। नई दुकान हो या फैक्ट्री, हर जगह काम आती है।
तकनीक का तोहफा
पुरानी मशीनें बदलो और बाजार में टिक्का मारो। सीएलसीएसएस योजना इसी के लिए है। एक करोड़ तक के कर्ज पर पन्द्रह फीसद सब्सिडी। प्रोडक्शन बढ़ेगा, खर्च कम होगा। खासकर मैन्युफैक्चरिंग वाले इसका फायदा उठाएं। नई तकनीक से सामान चमकेगा, एक्सपोर्ट के दरवाजे खुलेंगे।
फंड का सहारा
पैसे के साथ इक्विटी भी चाहिए? फंड ऑफ फंड्स पचास हजार करोड़ जुटाकर निवेशक लाता है। तेजी से बढ़ने वाले बिजनेस को वेंचर कैपिटल मिलता। स्माइल योजना सिडबी की देन है। मशीनों के लिए दस लाख से शुरू, चुकाने को दस साल। सॉफ्ट लोन से ब्याज कम, सांस लेने को वक्त ज्यादा।
मिनटों में लोन
झोलाछाप एजेंटों का जमाना गया। अब पचास नौ मिनट में लोन पक्का। एक से पांच करोड़ तक, ब्याज आठ दशमलव पांच फीसद से शुरू। जीएसटी और टैक्स फाइल करने वाले ऑनलाइन अप्लाई करें। पोर्टल पर कागज डालो, मंजूरी तुरंत। डिजिटल तरीके से सब आसान।
ये योजनाएं छोटे कारोबार को पंख दे रही हैं। अगर आपका बिजनेस ठहर गया है, तो आज ही चेक करो। मेहनत लगाओ, सरकार साथ देगी। आत्मनिर्भर भारत इसी का नाम है। कल हो जाएगा बड़ा उद्योगपति!
















