
अमेजन जैसी दिग्गज कंपनी एक बार फिर से बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। खबरें हैं कि अगले हफ्ते से कंपनी अपने कॉर्पोरेट सेक्टर में दूसरी लहर की छंटनी शुरू कर सकती है। अक्टूबर में पहले ही 14,000 व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों को अलविदा कह दिया गया था, और अब बाकी के करीब इतने ही पदों पर कैंची चलने वाली है।
कुल मिलाकर 30,000 नौकरियां जा सकती हैं, जो कंपनी के उस प्लान का हिस्सा है जिसमें अनावश्यक पदों को साफ करने का इरादा है। सोमवार को 90 दिन की नोटिस पीरियड खत्म हो रहा है, तो मंगलवार से नई शुरुआत हो सकती है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि योजना में थोड़ा बदलाव भी संभव है।
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कौन-से विभागों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
इस बार छंटनी का दायरा काफी चौड़ा लग रहा है। Amazon Web Services (AWS), रिटेल बिजनेस, प्राइम वीडियो और ह्यूमन रिसोर्सेज जैसे डिपार्टमेंट्स सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। अभी साफ नहीं है कि कौन-सी टीमें और कितने लोग इससे बाहर होंगे, लेकिन अंदरूनी जानकारी रखने वाले कहते हैं कि मैनेजमेंट लेयर्स को निशाना बनाया जा रहा है। अमेजन के स्पोक्सपर्सन ने अभी चुप्पी साध रखी है, जो हालात की गंभीरता बयां कर रही है। कर्मचारियों के लिए ये दिन बेहद मुश्किल हैं – कई तो अभी भी कंपनी के अंदर दूसरी पोजीशन ढूंढने या बाहर नई नौकरी तलाशने में जुटे हैं।
CEO एंडी जैसी ने खोला राज
अमेजन के CEO एंडी जैसी ने हाल की अर्निंग कॉल में साफ-साफ बता दिया कि ये कटौती पैसे की तंगी या AI के चलते नहीं हो रही। बल्कि, कंपनी में फैली नौकरशाही ही मुख्य वजह है। उन्होंने कहा, “समय के साथ कर्मचारियों की तादाद बढ़ी और मैनेजमेंट की परतें इतनी मोटी हो गईं कि फैसले लेना मुश्किल हो गया।
” ये सुनने में साधारण लगता है, लेकिन असल में ये एक बड़ी समस्या है। पहले जैसी ने AI को कामकाज को तेज करने वाला बताया था, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि छंटनी का सीधा कनेक्शन AI से नहीं है। फिर भी, आने वाले दिनों में AI टूल्स से रूटीन काम कम होने की संभावना से नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।
30 सालों की सबसे बड़ी छंटनी
अगर ये 30,000 नौकरियां सचमुच चली गईं, तो ये अमेजन के 30 साल के इतिहास की सबसे भारी छंटनी होगी। 2022 में 27,000 पद गए थे, लेकिन ये उससे भी आगे निकल जाएगी। कंपनी के पास कुल 15.8 लाख कर्मचारी हैं, ज्यादातर वेयरहाउस और डिलीवरी सेंटर्स में। तो कॉर्पोरेट वर्कफोर्स का ये 10% कटौती लग सकती है छोटी, लेकिन इन लोगों के लिए ये जीवन का बड़ा झटका है। आजकल टेक कंपनियां AI कोडिंग और ऑटोमेशन पर भरोसा कर रही हैं ताकि खर्च घटे। अमेजन ने दिसंबर में AWS कॉन्फ्रेंस में अपने नए AI मॉडल्स लॉन्च किए, जो इसी दिशा में कदम हैं।
कर्मचारियों के लिए क्या मतलब
कटौती के बाद निकाले गए लोगों को 90 दिन तक सैलरी मिलती रही, जिसमें वे कंपनी के अंदर अप्लाई कर सकते थे। लेकिन अब वो समय खत्म। कई लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, जबकि कुछ AI स्किल्स सीखने की तैयारी कर रहे हैं। जैसी का मानना है कि इससे कंपनी चुस्त-दुरुस्त बनेगी। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये कदम लंबे समय में फायदेमंद साबित होगा? टेक इंडस्ट्री में ऐसी छंटनियां बढ़ रही हैं, और अमेजन जैसे लीडर इसका उदाहरण बन रहे हैं।
भारत जैसे बाजारों में भी अमेजन के कर्मचारी चिंतित हैं, क्योंकि ग्लोबल पॉलिसी यहां भी लागू हो सकती है। कुल मिलाकर, ये बदलाव कंपनी को नई ताकत दे सकता है, लेकिन प्रभावित परिवारों के दर्द को कौन सुनेगा?
















