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Basant Panchami 2026: कल सुबह से शुरू होगी सरस्वती पूजा! नोट कर लें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और मां को प्रसन्न करने वाली विधि।

बसंत पंचमी 2026 स्पेशल! 22 जनवरी गुरुवार को मां सरस्वती पूजा। शुभ मुहूर्त: सुबह 7:13 से दोपहर 12:33। पीले वस्त्र, फूल, लड्डू चढ़ाओ। किताबें पूजो, मंत्र जपो: ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः। बच्चों को अक्षर सिखाओ, दान दो। विद्या की देवी प्रसन्न होंगी!

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Basant Panchami 2026: कल सुबह से शुरू होगी सरस्वती पूजा! नोट कर लें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और मां को प्रसन्न करने वाली विधि।

दोस्तों, साल 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार 22 जनवरी, गुरुवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। ये दिन मां सरस्वती का प्रिय पर्व है, जब पूरा देश विद्या, संगीत और कला की देवी को समर्पित होता है। माघ शुक्ल पंचमी को ये उत्सव आता है, जो बसंत ऋतु की शुरुआत का संकेत देता है। अगर आप विद्यार्थी हैं या घर में बच्चे हैं, तो ये मौका है विद्या आरंभ करने का। आइए, जानते हैं इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त और आसान विधि, ताकि आप बिना किसी झंझट के घर पर ही सब कर सकें।

2026 का शुभ मुहूर्त

सबसे पहले मुहूर्त की बात। पंचमी तिथि 21 जनवरी रात 9:20 बजे से शुरू होकर 22 जनवरी शाम 6:15 तक चलेगी। लेकिन सबसे पक्का समय 22 जनवरी को सुबह 7:13 से दोपहर 12:33 तक है – कुल 5 घंटे 20 मिनट। इसी दौरान पूजा करें, तो मां प्रसन्न होंगी। मैंने खुद देखा है, सुबह का समय सबसे शांत रहता है। जल्दी उठें, स्नान करें और शुरू हो जाएं। अगर समय निकल जाए, तो शाम तक भी कर लें, लेकिन मुहूर्त का ध्यान रखें।

पीले रंग से सजाएं पूजा स्थल

बसंत पंचमी पर पीला रंग राजा है! सुबह उठकर नहा-धो लें, फिर पीले या सफेद कपड़े पहनें। घर के एक कोने में चौकी रखें, उस पर पीला आसन बिछाएं। मां सरस्वती की मूर्ति या फोटो लगाएं, पास ही गणेश जी की भी। कलश सजाएं – अक्षत डालकर, पानी भरकर। सबसे पहले गणेश पूजन करें, क्योंकि बिना बापू के काम शुरू नहीं होता। फूलों से सजाएं, अगरसरसों या गेंदे के पीले फूल लाएं। घर में बसंत का रंग छा जाएगा!

सरस्वती को भाएं ये खास अर्पण

अब मुख्य पूजा। मां को पीले चंदन का तिलक लगाएं, पीले फूल चढ़ाएं। भोग में बेसन लड्डू या केसरिया खीर चढ़ाएं – मां को पीली मिठाई बहुत पसंद। अगर संगीतकार हैं, तो अपना वाद्य यंत्र रखें; विद्यार्थी अपनी किताबें। हां, पुस्तकों की पूजा न भूलें! मंत्र जपें – “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” कम से कम 108 बार। आरती करें, घी का दीपक जलाएं। पूजा खत्म होने पर प्रसाद बांटें। सोचिए, कितना सरल और सुंदर!

विशेष टिप्स: बच्चों के लिए विद्या आरंभ

ये दिन बच्चों के लिए जादुई है। छोटे नन्हे-मुन्ने को पहली बार अक्षर सिखाएं – ‘अ’ से शुरू करें। चावल के आटे पर लिखवाएं, मां का आशीर्वाद लें। बड़े बच्चों को नई किताबें दिखाएं। दान का महत्व मत भूलें – गरीब बच्चों को पेन, कापी या किताबें दें। ऐसा करने से मां का विशेष फल मिलता है। मेरे एक दोस्त ने किया, उनके बच्चे का रिजल्ट टॉप हो गया!

बसंत पंचमी के फायदे और सावधानियां

इस पूजा से बुद्धि तेज होती है, परीक्षा में सफलता मिलती है। संगीत, चित्रकला में रुचि वालों को खास लाभ। सावधानी बरतें – शाकाहारी भोजन करें, झगड़े न करें। पीले वस्त्र दान करें। अगर मंदिर जा रहे हैं, तो भीड़ से बचें। घर पर ही शांति से पूजा करें। विस्तार से जानने को ड्रिक पंचांग चेक कर लें।

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info@dietjjr.in

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