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UP में बनेगा नया फोरलेन हाईवे, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, जमीनों की बढ़ेगी कीमतें

लखनऊ से देवा-सीतापुर जाने वालों के लिए खुशखबरी! NHAI ने बाराबंकी से देवा तक नए फोरलेन हाईवे के लिए दो रूट्स पर सर्वे शुरू कर दिया। सफेदाबाद बायपास या किसान पथ-रिंग रोड वाला – रिपोर्ट से फाइनल होगा। शहर के जाम, अतिक्रमण और पार्किंग की परेशानी से जल्द छुटकारा। सफर बनेगा तेज और आसान!

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UP में बनेगा नया फोरलेन हाईवे, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, जमीनों की बढ़ेगी कीमतें

लखनऊ से देवा, फतेहपुर होकर सीतापुर की ओर जाने वाले लोगों को रोजाना शहर के भयंकर जाम का सामना करना पड़ता है। सुबह-सुबह निकलो या शाम को, कहीं न कहीं फंस जाना तय है। लेकिन अच्छी खबर ये है कि जल्द ही ये परेशानी खत्म हो सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बाराबंकी से देवा तक नए फोरलेन हाईवे का काम तेज कर दिया है। दो संभावित रास्तों पर सर्वे चल रहा है, और रिपोर्ट आने के बाद फाइनल प्लान बनेगा। ये हाईवे न सिर्फ ट्रैफिक कम करेगा, बल्कि सफर को भी काफी आसान बना देगा।

शहर के जाम की पुरानी कहानी

सोचिए, आप लखनऊ से सीतापुर जा रहे हैं। देवा रोड पर जैसे ही एंट्री होती है, नवाबगंज के अंदर घुसते ही मुसीबत शुरू। कुरौली चौराहे पर अतिक्रमण की वजह से रास्ता तंग, उपनिबंधन कार्यालय के पास अवैध पार्किंग ने जगह घेर ली है। पटेल तिराहे पर ई-रिक्शा स्टैंड बिना इजाजत खड़ा है, बस स्टैंड पर हमेशा जाम लगा रहता है। पुलिस चौराहे की ट्रैफिक व्यवस्था तो जैसे मजाक ही है – सिग्नल लाल हो या हरा, वैसे ही भीड़। ऊपर से सीडीओ आवास के पास पटरी पर कब्जे।

आनंद भवन के पास लगता है वो काला जाम, ओवरब्रिज पार करते ही रेलवे क्रॉसिंग पर रुकना पड़ता है। एफसीआई गोदाम के आसपास ट्रकों का जमावड़ा तो जैसे रोज की रस्म। इन सबमें फंसकर घंटों लग जाते हैं। लोग परेशान होकर हॉर्न बजाते रहते हैं, लेकिन कुछ फायदा नहीं। बढ़ते वाहनों की संख्या के कारण ये दिक्कतें और गंभीर हो गई हैं। जिले में पहले से छह बड़े हाईवे हैं, फिर भी आवागमन सुगम नहीं हो पा रहा। केंद्र और राज्य सरकारें अब इसे गंभीरता से ले रही हैं।

दो रास्तों पर चल रहा है जमकर सर्वे

NHAI के इंजीनियर पिछले छह महीनों से इस प्रोजेक्ट पर जुटे हैं। पहला विकल्प ये है – अयोध्या-लखनऊ नेशनल हाईवे पर सफेदाबाद से शुरू होकर गदिया, मुबारकपुर, मोहम्मदपुर गुजरते हुए ग्वारी रोड क्रॉस करके देवा तक फोरलेन बनाना। ये रास्ता शहर को पूरी तरह बायपास कर देगा, यानी जाम से सीधी छुट्टी। दूसरा ऑप्शन और भी दिलचस्प – किसान पथ और रिंग रोड से जुड़कर देवा-चिनहट हाईवे को क्रॉस करते हुए नया हाईवे डेवलप करना।

दोनों रास्तों के फायदे-नुकसान देखे जा रहे हैं। एक तरफ जमीन अधिग्रहण की दिक्कतें, दूसरी तरफ मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर से कनेक्टिविटी। सर्वे में जमीन मालिकों से बातचीत, ट्रैफिक पैटर्न का अध्ययन और पर्यावरण प्रभाव सब चेक हो रहा है। इंजीनियरों का कहना है कि ये हाईवे 2027 तक तैयार हो सकता है, अगर सब ठीक रहा।

सर्वे रिपोर्ट से बनेगी मास्टर प्लान

NHAI के इंजीनियर राजकुमार पिथौरिया ने खुद बताया कि दोनों रास्तों पर डिटेल्ड सर्वे चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही फैसला होगा कि कौन सा रूट टेक्निकल और ट्रैफिक के लिहाज से बेस्ट है। उसके बाद बजट, टेंडर और कंस्ट्रक्शन की प्रक्रिया शुरू होगी। ये प्रोजेक्ट करीब 500 करोड़ का होने का अनुमान है, जिसमें फोरलेन के साथ सर्विस लेन, ड्रेनेज और सेफ्टी फीचर्स भी शामिल होंगे।

सरकार का फोकस अब कनेक्टिविटी बढ़ाने पर है। लखनऊ को पूर्वांचल से जोड़ने वाले ये हाईवे न सिर्फ लोकल ट्रैवलर्स को फायदा देंगे, बल्कि कमर्शियल वाहनों को भी। सोचिए, सीतापुर जाते हुए बिना रुके पहुंचना – कितना सुकून मिलेगा! लेकिन चुनौतियां भी हैं, जैसे लोकल विरोध या जमीन विवाद। फिर भी, ये कदम यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगा।

भविष्य में और क्या उम्मीद करें?

इस हाईवे से न सिर्फ जाम कम होगा, बल्कि इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा। आसपास के इलाकों में नए बिजनेस, होटल और सर्विस स्टेशन खुल सकते हैं। ट्रैवल टाइम 1-2 घंटे से घटकर आधा रह जाएगा। राज्य सरकार पहले ही कई हाईवे प्रोजेक्ट्स को ग्रीन सिग्नल दे चुकी है, जैसे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे। अब देवा वाला ये लिंक चेन को पूरा करेगा।

लोगों को सलाह है कि अपडेट्स के लिए NHAI की वेबसाइट चेक करते रहें। सर्वे रिपोर्ट जल्द आने वाली है, और उसके बाद काम तेज होगा। उम्मीद है कि ये प्रोजेक्ट समय पर पूरा होकर लाखों यात्रियों की जिंदगी आसान बना देगा। यूपी में इंफ्रा डेवलपमेंट की ये लहर जारी रहे!

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info@dietjjr.in

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