
उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने के लिए वाहन चालकों को जल्द ही टोल टैक्स चुकाना होगा, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा प्रस्तावित टोल दरों के अनुसार, यह सफर वाहन के प्रकार और तय की गई दूरी के आधार पर तय होगा, हालांकि, पूरी 594 किलोमीटर की यात्रा के लिए एकमुश्त राशि अधिक लग सकती है, लेकिन प्रति किलोमीटर दरें अन्य एक्सप्रेसवे के मुकाबले प्रतिस्पर्धी रखी गई हैं।
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फरवरी में खुलने की संभावना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में आम जनता के लिए खोला जा सकता है। इसके शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच की 12 घंटे की दूरी घटकर मात्र 6-7 घंटे रह जाएगी, जिससे समय की भारी बचत होगी। टोल कलेक्शन के लिए आधुनिक FASTag प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे टोल प्लाजा पर बिना रुके भुगतान हो सकेगा।
वाहन-वार प्रस्तावित टोल दरें
UPEIDA ने विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर के हिसाब से दरें प्रस्तावित की हैं। नीचे देखें पूरी सूची:
- कार, जीप, वैन व हल्के वाहन: ₹2.55 प्रति किलोमीटर। पूरी यात्रा (594 किमी) के लिए लगभग ₹1,515 का टोल लगेगा।
- हल्के वाणिज्यिक वाहन व मिनी बस: ₹4.05 प्रति किलोमीटर।
- बस और ट्रक: ₹8.15 प्रति किलोमीटर। पूरी यात्रा के लिए लगभग ₹4,840 का भुगतान करना होगा।
- भारी निर्माण वाहन: ₹12.55 प्रति किलोमीटर।
- 7 या अधिक एक्सेल वाले बड़े वाहन: ₹16.05 प्रति किलोमीटर। पूरी यात्रा के लिए लगभग ₹9,535 का टोल शुल्क चुकाना होगा।
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विशेष एकतरफा पास की सुविधा
पूरी दूरी के अलावा, छोटी यात्राओं के लिए विशेष एकतरफा पास की भी व्यवस्था होगी, कार/वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए लगभग ₹145 और बस/ट्रक के लिए लगभग ₹455 के एकतरफा पास उपलब्ध होंगे।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिए एआई-आधारित निगरानी प्रणाली (AI-assisted monitoring technology) भी लगाई गई है, जिससे यात्रा और भी सुरक्षित होगी।
















