
देश के अन्नदाताओं के लिए खेती की लागत कम करने और सिंचाई को सुगम बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ी राहत दी है, अब किसान अपनी जेब से मात्र 10 प्रतिशत खर्च कर अपने खेतों में सोलर पंप लगवा सकते हैं, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री कुसुम योजना’ (PM-KUSUM Scheme) के तहत किसानों को लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी और आसान ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है।
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बिजली बिल और डीजल के खर्च से मिलेगी मुक्ति
बढ़ते डीजल के दाम और बिजली की अनियमित आपूर्ति से परेशान किसानों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य सिंचाई व्यवस्था को सौर ऊर्जा से जोड़ना है, ताकि किसानों को मुफ्त और 24 घंटे बिजली मिल सके।
सब्सिडी का पूरा गणित: कैसे बचेगा आपका पैसा?
योजना के तहत सोलर पंप की कुल लागत को तीन हिस्सों में बांटा गया है:
- 60% सीधी सब्सिडी: केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कुल खर्च का 60 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के तौर पर देती हैं।
- 30% बैंक लोन: लागत का 30 प्रतिशत हिस्सा बैंकों के माध्यम से बेहद कम ब्याज दरों पर ऋण के रुप में मिल जाता है।
- मात्र 10% निवेश: किसान को पंप लगवाने के लिए कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही नकद जमा करना होता है।
आवेदन के लिए जरुरी शर्तें और दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास स्वयं की कृषि भूमि और सिंचाई का एक सुनिश्चित स्रोत (जैसे कुआं या बोरवेल) होना अनिवार्य है। आवेदन के समय इन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो।
- जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी)।
- बैंक पासबुक की कॉपी और मोबाइल नंबर।
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कैसे करें आवेदन? (Step-by-Step प्रोसेस)
इच्छुक किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं:
- सबसे पहले सरकार की आधिकारिक वेबसाइट PM-KUSUM Portal पर लॉग इन करें।
- राज्य स्तर पर लाभ के लिए अपने प्रदेश के कृषि विभाग (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए UP Agriculture Portal) पर पंजीकरण करें।
- पोर्टल पर ‘सोलर पंप योजना’ के विकल्प को चुनें और अपना विवरण भरें।
- विभाग द्वारा सत्यापन के बाद, निर्धारित 10% राशि जमा करने हेतु डिमांड ड्राफ्ट की प्रक्रिया पूरी करें।
कृषि मंत्रालय ने किसानों को फर्जी वेबसाइटों और धोखेबाजों से सावधान रहने की सलाह दी है। किसी भी प्रकार के ऑनलाइन भुगतान से पहले सुनिश्चित करें कि आप केवल सरकारी (. gov.in) वेबसाइट का ही उपयोग कर रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान भाई अपने नजदीकी जिला कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
















