राजस्थान सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा REET 2025 के अभ्यर्थियों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। 15 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक पूरे 7 दिनों तक राज्य की सभी साधारण और एक्सप्रेस बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। बस कंडक्टर को एडमिट कार्ड दिखाने भर से कोई किराया नहीं देना पड़ेगा, जिससे हजारों छात्रों को परीक्षा केंद्र पहुंचने में भारी राहत मिलेगी।

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किसे मिलेगा यह लाभ?
यह विशेष योजना REET 2025 की लेवल 1 और लेवल 2 परीक्षा के सभी पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए है। चाहे आप गांव से शहर की ओर जा रहे हों या परीक्षा देकर घर लौट रहे हों, यह सुविधा पूरे राजस्थान में लागू रहेगी। खास तौर पर उन छात्रों को फायदा होगा जो दूर-दराज के इलाकों से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचते हैं। इससे न केवल पैसे की बचत होगी बल्कि यात्रा का तनाव भी कम हो जाएगा। सरकारी बसों की व्यापक नेटवर्क के कारण हर कोने तक यह लाभ पहुंचेगा।
कैसे उठाएं मुफ्त यात्रा का फायदा?
प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है। बस में चढ़ते ही कंडक्टर को अपना REET एडमिट कार्ड और कोई वैध फोटो आईडी जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी दिखा दें। कोई पूर्व रजिस्ट्रेशन या टिकट की जरूरत नहीं। यह सुविधा परीक्षा से पहले और बाद की यात्राओं पर पूरी तरह लागू होगी।
योजना का उद्देश्य और प्रभाव
सरकार का मकसद है कि आर्थिक कमजोरी के कारण कोई छात्र परीक्षा से वंचित न रहे। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) ने इस पहल को तेजी से लागू किया है। इससे छात्रों को परीक्षा पर पूरा फोकस करने का मौका मिलेगा। पिछले वर्षों में ऐसी योजनाओं से यात्रा व्यय में 50-70% तक की कमी देखी गई है। यह कदम शिक्षा को बढ़ावा देने वाली बड़ी पहल है, जो युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाएगी।
जरूरी सावधानियां और टिप्स
एडमिट कार्ड की मूल प्रति हमेशा साथ रखें, फोटोकॉपी मान्य नहीं हो सकती। यात्रा से पहले बस शेड्यूल चेक कर लें ताकि देरी न हो। भीड़ से बचने के लिए सुबह के समय या ऑफ-पिक घंटों का चयन करें। यदि कोई कंडक्टर अतिरिक्त किराया मांगे तो तुरंत हेल्पलाइन पर शिकायत करें। यह योजना छात्रों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है।
भविष्य की संभावनाएं
ऐसी पहलों से अन्य परीक्षाओं जैसे पटवारी या जूनियर असिस्टेंट के लिए भी समान सुविधाएं उम्मीद की जा सकती हैं। RSRTC लगातार डिजिटल टिकटिंग और RFID कार्ड्स को बढ़ावा दे रहा है। छात्रों को सलाह है कि परीक्षा के बाद फीडबैक दें ताकि सुधार हो सके। कुल मिलाकर, यह 7-दिन का मुफ्त सफर राजस्थान के शिक्षा परिदृश्य में एक मील का पत्थर साबित होगा।
















