दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर तबके के बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलों के दरवाजे खुल चुके हैं। RTE कानून के तहत नर्सरी, KG और पहली कक्षा में 25 फीसदी सीटें गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित हैं। कम आय वाले माता-पिता अपने बच्चों को नामी स्कूलों में दाखिला दिला सकते हैं, बिना कोई फीस चुकाए।

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योग्यता के नियम समझें
जिन परिवारों की सालाना कमाई एक लाख रुपये से कम है, उनके बच्चे इस योजना के हकदार हैं। दिल्ली का स्थायी निवासी होना जरूरी है, साथ ही बच्चे की उम्र सही सीमा में होनी चाहिए। नर्सरी के लिए तीन से चार साल, KG में चार से पांच और पहली कक्षा में पांच से छह साल के बच्चे आवेदन कर सकते हैं। अनाथ या विकलांग बच्चे भी प्राथमिकता पाते हैं।
आसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
सरकारी पोर्टल पर जाकर पहले रजिस्ट्रेशन करें। बच्चे का नाम, जन्मतिथि, पता और माता-पिता की जानकारी भरें। पसंदीदा चार-पांच स्कूल चुनें जो घर के करीब हों। फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन नंबर नोट कर लें। पूरा काम मोबाइल से भी हो जाता है, कोई शुल्क नहीं लगता।
जरूरी कागजात इकट्ठा करें
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पासपोर्ट फोटो तैयार रखें। माता-पिता के आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या बिजली बिल जैसे निवास प्रमाण भी अपलोड करने पड़ेंगे। सब कुछ स्कैन करके अपलोड करें, ताकि वेरिफिकेशन में देरी न हो। मूल दस्तावेज बाद में स्कूल में जमा करने होंगे।
चयन और एडमिशन का सफर
आवेदनों के बाद कंप्यूटर से लॉटरी निकाली जाती है। पहली सूची जनवरी में आती है, फिर फरवरी और मार्च में अगली लिस्टें जारी होती हैं। नाम आने पर स्कूल जाकर दस्तावेज दिखाएं और फीस माफी का फायदा उठाएं। अप्रैल से नई कक्षा शुरू हो जाती है। वेटिंग लिस्ट में भी जगह मिल सकती है।
सफल दाखिले के उपाय
जल्दबाजी में फॉर्म न भरें, हर डिटेल दोबारा जांचें। नजदीकी अच्छे स्कूलों पर फोकस करें। लाखों आवेदनों में से हजारों बच्चे हर साल सफल होते हैं। यह मौका गरीबी की जंजीर तोड़ सकता है, इसलिए आज ही आवेदन करें और बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखें।
















